भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार पर भूमि आवंटन को लेकर उठाए सवाल, कांग्रेस का पलटवार

भाजपा का आरोप: कर्नाटक में नया भूमि घोटाला

Mallikarjun Kharge: भाजपा ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर एक नए भूमि घोटाले का आरोप लगाया है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार को संदिग्ध तरीके से भूमि आवंटित की गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक पोस्ट के माध्यम से आरोप लगाया कि कर्नाटक औद्योगिक विकास बोर्ड ने मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार के एक ट्रस्ट को बंगलूरू के हाईटेक डिफेंस एयरोस्पेस पार्क में पांच एकड़ भूमि आवंटित की है। यह जमीन विशेष रूप से एससी कोटा के तहत नागरिक सुविधाओं के लिए आरक्षित थी। पूनावाला ने यह भी बताया कि इस ट्रस्ट में खरगे परिवार के सदस्य, जैसे कि उनकी पत्नी राधाबाई खरगे, दामाद राधाकृष्ण और बेटे प्रियांक और राहुल खरगे शामिल हैं।

भाजपा के सात सवाल: सत्ता के दुरुपयोग और भाई-भतीजावाद के आरोप

शहजाद पूनावाला ने इस मामले को लेकर कर्नाटक सरकार से सात सवाल पूछे हैं। उन्होंने सवाल किया है कि क्या यह मामला सत्ता के दुरुपयोग और भाई-भतीजावाद का है? उन्होंने यह भी पूछा कि मार्च 2024 में उद्योग मंत्री ने इस आवंटन पर सहमति कैसे दी? पूनावाला ने सवाल किया कि खरगे परिवार एयरोस्पेस उद्यमी कब बना और उन्हें भूमि के लिए पात्रता कब मिली? इसके अलावा, उन्होंने यह भी पूछा कि क्या एससी उद्यमियों और युवाओं के साथ अन्याय नहीं हुआ है और क्या राहुल गांधी, जो खुद राष्ट्रीय राजमार्ग घोटाले के आरोपी हैं, इस पर कुछ बोलेंगे या चुप रहेंगे?

भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया: इस्तीफे की मांग और घोटाले की जांच

भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके परिवार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या खरगे भी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की तरह भूमि छोड़ देंगे। मालवीय ने इस मामले की जांच की मांग की है और कहा है कि इस मुद्दे पर कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा नेता गौरव भाटिया ने भी मल्लिकार्जुन खरगे से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है, यह आरोप लगाते हुए कि उनके परिवार पर घोटाले का आरोप है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रियांक खरगे को मंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को भी इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि उनकी सरकार पर पहले भी कई घोटाले का आरोप है।

कांग्रेस का पलटवार: नियमों का पालन और आरोपों का खंडन

कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि भूमि आवंटन नियमों के अनुसार किया गया है। उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने स्पष्ट किया कि राहुल खरगे द्वारा संचालित ट्रस्ट को एयरोस्पेस पार्क में नियमों के तहत भूमि का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि राहुल खरगे एक आईआईटी स्नातक हैं और इस भूमि पर अनुसंधान और विकास केंद्र खोलना चाहते हैं। पाटिल ने बताया कि सिंगल विंडो कमेटी की सिफारिश के बाद ही प्लॉट आवंटित किया गया है और कोई नियम उल्लंघन नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन में सभी नियमों और पात्रता का पालन किया गया है। सिद्धारमैया ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि चाणक्य विश्वविद्यालय को भूमि देने में भाजपा ने स्वयं नियमों का उल्लंघन किया था।

राजनीतिक माहौल और आगामी प्रभाव

भाजपा और कांग्रेस के बीच इस विवाद ने कर्नाटक की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। भूमि आवंटन के इस मामले पर दोनों दलों के बीच तीखी राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है। फिलहाल, यह विवाद कर्नाटक की राजनीति में एक नया मुद्दा बन चुका है और आगामी चुनावों में इसका प्रभाव पड़ सकता है।

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