34 वर्षीय एम्स डॉक्टर दक्षिणी दिल्ली में मृत पाए गए; आत्महत्या का संदेह

AIIMS: न्यूरोसर्जन की दिल्ली में संदिग्ध मौत

AIIMS: दक्षिणी दिल्ली के गौतम नगर इलाके में रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक 34 वर्षीय न्यूरोसर्जन डॉक्टर, डॉ. राज घोनिया, संदिग्ध हालात में मृत पाए गए। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है। डॉ. घोनिया का शव उनके घर में मिला, जहां से संदिग्ध ओवरडोज का संकेत देने वाले दवाओं की शीशियां और सीरिंज भी बरामद की गईं।

AIIMS: घटनास्थल और प्रारंभिक जांच

पुलिस के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 2 बजे हौज खास पुलिस स्टेशन में डॉक्टर की आत्महत्या के संबंध में एक पीसीआर कॉल मिली। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और डॉ. घोनिया को बेहोशी की हालत में पाया। उन्हें तुरंत एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

AIIMS: सुसाइड नोट बरामद

घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें डॉ. घोनिया ने किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी

यह घटना स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या के मामलों में हो रही बढ़ोतरी को एक बार फिर उजागर करती है। विशेषकर कोविड-19 महामारी के बाद से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर बढ़ते दबाव ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने डॉ. घोनिया के दोस्तों और परिवार के सदस्यों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई भी जानकारी है जो इस मामले की जांच में मदद कर सकती है, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें। पुलिस इस मामले को आत्महत्या के संदिग्ध मामले के रूप में देख रही है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

निष्कर्ष

डॉ. राज घोनिया की असामयिक मौत ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर किया है। स्वास्थ्यकर्मियों को इस चुनौतीपूर्ण समय में मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना बेहद जरूरी है, और समाज को भी इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।

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