Mpox: स्वीडन में एमपॉक्स वायरस के सबसे खतरनाक स्ट्रेन का पहला मामला सामने आया है, जिससे हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंताएँ बढ़ गई हैं। स्वीडन की पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने गुरुवार को पुष्टि की कि यह वायरस का वही खतरनाक प्रकार है, जिसे पहले डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में देखा गया था। इस प्रकार को क्लैड 1बी सबक्लेड (Clade 1b subclade) के नाम से जाना जाता है।
वैरिएंट से संक्रमित
स्वीडन में इस मामले की पहचान एक ऐसे व्यक्ति में हुई, जो हाल ही में अफ्रीका से लौटा था। स्टॉकहोम पहुंचने पर उसे मेडिकल केयर की जरूरत पड़ी और जांच के दौरान पता चला कि वह क्लैड I वैरिएंट से संक्रमित है। यह वही स्ट्रेन है, जो अफ्रीका के कई देशों में कहर बरपा रहा है।
ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया
गौरतलब है कि हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस बीमारी को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। स्वीडन में इस खतरनाक स्ट्रेन के पहले मामले ने वैश्विक स्तर पर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, ताकि यह अन्य देशों में न फैले।
सबसे पहले कब मिला था वायरस?
इससे पहले WHO ने बीते बुधवार को डीआरसी और पड़ोसी देशों में इस बीमारी के प्रकोप को देखते हुए इसे एक पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कन्सर्न घोषित किया। इस बीमारी को पहले कहा जाता था और यह वायरस पहली बार साल 1970 में मनुष्यों में पाया गया था।
क्या है एपॉक्स और इसके लक्षण?
यह एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित जानवरों के जरिए इंसानों में फैलता है, लेकिन यह निकट शारीरिक संपर्क के जरिए भी इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है। बात करें इसके लक्षणों (Mpox Virus Symptoms) की, तो इस बीमारी के कारण बुखार, मांसपेशियों में दर्द और त्वचा पर बड़े फोड़े जैसे घाव हो जाते हैं।
