Kangana Ranaut: अभिनेत्री से नेता बनीं कंगना रनौत ने एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। कंगना ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के खिलाफ बयान देते हुए उन्हें देश के लिए खतरा करार दिया। उनके अनुसार, राहुल गांधी का एजेंडा देश को अस्थिर करना है, खासकर जब वे खुद प्रधानमंत्री बनने में असफल रहे हैं। कंगना ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर राहुल गांधी की आलोचना की, जो अडाणी ग्रुप और सेबी के बीच मिलीभगत के आरोपों को लेकर सरकार को घेर रही है।
कंगना रनौत की आपत्तियां
कंगना रनौत ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी को “सबसे खतरनाक आदमी” बताया। उन्होंने कहा कि गांधी का व्यवहार “कटु, जहरीला और विध्वंसक” है और उनका उद्देश्य अगर वे प्रधानमंत्री नहीं बन सकते तो देश को नष्ट करना है। कंगना ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को बेकार करार देते हुए कहा कि यह रिपोर्ट भारतीय शेयर बाजार को लक्षित करती है और राहुल गांधी ने इसका समर्थन किया था। कंगना ने यह भी आरोप लगाया कि गांधी देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए प्रयासरत हैं और भारतीय जनता उन्हें कभी स्वीकार नहीं करेगी।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार और सेबी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सेबी की अध्यक्ष के खिलाफ लगे आरोप संस्था की शुचिता पर गंभीर सवाल उठाते हैं। गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेगा। गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि मोदी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच से क्यों डरे हुए हैं। गांधी ने कहा कि छोटे खुदरा निवेशकों की संपत्ति की सुरक्षा का दायित्व निभाने वाले सेबी की शुचिता प्रभावित हुई है।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट और सेबी का बयान
अमेरिका की शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग ने शनिवार रात को एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें अडाणी समूह के खिलाफ कार्रवाई में पूंजी बाजार नियामक सेबी की अनिच्छा का संदेह जताया गया था। रिपोर्ट में यह आरोप लगाया गया कि सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की अदाणी समूह से जुड़े विदेशी कोष में हिस्सेदारी हो सकती है।
सेबी ने इस रिपोर्ट पर रविवार को प्रतिक्रिया दी और कहा कि उसने अडाणी समूह के खिलाफ सभी आरोपों की विधिवत जांच की है। सेबी ने यह भी बताया कि अध्यक्ष ने समय-समय पर संबंधित जानकारी दी और संभावित हितों के टकराव से जुड़े मामलों से खुद को अलग रखा।
बुच दंपति का स्पष्टीकरण
सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किए गए निवेश 2015 में किए गए थे, जो 2017 में सेबी में उनकी नियुक्ति और मार्च 2022 में चेयरपर्सन के रूप में पदोन्नति से काफी पहले के थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये निवेश ‘सिंगापुर में रहने के दौरान निजी तौर पर आम नागरिक की हैसियत से’ किए गए थे और सेबी में उनकी नियुक्ति के बाद ये कोष ‘निष्क्रिय’ हो गए हैं।
