Hindenburg Report: भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट शनिवार को जारी की जाती है, जिससे रविवार को हल्ला मचता है और इसका असर सोमवार को कैपिटल मार्केट पर पड़ता है, जिससे पूरे मार्केट को अस्थिर किया जाता है। प्रसाद ने जोर देकर कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और सभी रेटिंग एजेंसियां भारत के ग्रोथ रेट को सकारात्मक तरीके से आंक रही हैं। निवेशक अपने रिटर्न से खुश हैं, लेकिन कुछ लोगों को यह विकास पच नहीं रहा है। प्रसाद ने यह भी बताया कि सेबी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अपनी जांच पूरी करने के बाद जुलाई में हिंडनबर्ग के खिलाफ नोटिस जारी किया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
हिंडनबर्ग और जॉर्ज सोरोस का संदर्भ
रविशंकर प्रसाद ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के संदर्भ में जॉर्ज सोरोस का नाम भी लिया, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे भारत के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार करते आ रहे हैं। प्रसाद ने आरोप लगाया कि सोरोस की नफरत इस हद तक बढ़ गई है कि उन्होंने मोदी सरकार को बदलने की भी कोशिश की। उन्होंने कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट के पीछे भी सोरोस की प्रेरणा हो सकती है और इसे भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने की साजिश के रूप में देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना
प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी को भी आड़े हाथों लिया, खासकर राहुल गांधी और उनके ‘टूलकिट गैंग’ को। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मोदी सरकार से नफरत करते-करते अब देश से नफरत करने लगी है। प्रसाद ने आरोप लगाया कि अगर देश का स्टॉक मार्केट प्रभावित होता है, तो इसका सीधा असर छोटे निवेशकों पर पड़ेगा, जो देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाएगा। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति को ‘चिट पालिटिक्स’ करार देते हुए सवाल किया कि आखिर कांग्रेस देश को किस दिशा में ले जाना चाहती है।
नेहरू युग की आलोचना और कांग्रेस का विघटन
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि क्या वे देश को नेहरू जी के कंट्रोल राज में वापस ले जाना चाहते हैं, जब भारत दाने-दाने को मोहताज था। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को देश के विकास की कोई चिंता नहीं है और हर छोटी सी बात पर ‘टूलकिट’ और ‘चिट पालिटिक्स’ शुरू कर देती है। उन्होंने कांग्रेस पर 55 वर्षों तक देश में राज करने का आरोप लगाया और इस अवधि के दौरान उनकी नीतियों की आलोचना की।
भारतीय स्टॉक मार्केट की स्थिति पर प्रसाद की टिप्पणी
प्रसाद ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि स्थिति बिगड़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि भारतीय स्टॉक मार्केट अभी भी स्थिर है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछली बार जब ऐसी स्थिति बनी थी, तो स्टॉक मार्केट दो दिनों में रिकवर कर गया था और सुप्रीम कोर्ट की जांच के बाद और बेहतर स्थिति में आया है। प्रसाद ने कहा कि भारतीय निवेशकों ने कांग्रेस और हिंडनबर्ग की मिलीभगत को समझ लिया है, जिससे इस साजिश का बाजार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
