चुनाव आयोग ने करीब तीन हफ्ते पहले पांच राज्यों में होने वाले चुनावों की तारीख की घोषणा थी। छत्तीसगढ़ में इस महीने 7 और 17 नवबंर को दो चरणों में चुनाव आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में प्रदेश की सभी पार्टियां मतदाओं को लुभाने के लिए तरह-तरह की तरकीब लगा रही हैं। इसके साथ ही प्रदेश की दो बड़ी पार्टियां कांग्रेस और बीजेपी लगातार एक दूसरे पर हमला कर रही हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों से पहले सीएम भूपेश बघेल ने बस्तर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सांप्रदायिकता और धर्मांतरण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास केवल सांप्रदायिकता और धर्मांतरण के दो चुनावी मुद्दे हैं। वे दो समुदायों के भाइयों को एक-दूसरे से लड़वाते हैं। वो कोई काम नहीं करेंगे, लेकिन लोगों को लड़ाएंगे और वोट इकट्ठा करेंगे। उनके अंदर नफरत और हिंसा है।
रमन सिंह ने प्रियंका पर साधा निशाना
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने प्रदेश में प्रियंका गांधी के कांग्रेस के लिए प्रचार करने को लेकर कहा कि प्रियंका ने छत्तीसगढ़ आकर 500 रुपए में सिलेंडर देने का ऐलान किया। भूपेश बघेल सरकार जानती है कि वह सत्ता से बाहर हो जाएगी। इसलिए वे घोषणाएं कर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। अब इसका कोई महत्व नहीं है।
छत्तीसगढ़ में दो चरणों में होंगे मतदान
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में 7 और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान होना है। वहीं, सभी पांच राज्यों में वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। मतदान की तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। 2018 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की थी और तत्कालीन सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ 90 में से 68 सीटें जीती थीं, और बीजेपी को 15 सीटें मिली थीं। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में प्रमुख खिलाड़ी हैं। तेलंगाना में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति, कांग्रेस और भाजपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है। भाजपा का लक्ष्य कांग्रेस शासित राज्य से सत्ता हासिल करना है, जिससे आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार होने की उम्मीद है।
