अफ्रीका में Mpox का कहर: WHO ने जताई चिंता

Mpox: अफ्रीकी देशों में इन दिनों Mpox वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। पहली बार रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो (डीआरसी) में इस वायरस का मामला सामने आया था, जिसके बाद यह युगांडा और केन्या तक फैल चुका है। अब यह आशंका जताई जा रही है कि Mpox पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में फैल सकता है।

WHO की प्रतिक्रिया और संभावित अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने इस वायरस के प्रकोप को देखते हुए गहरी चिंता जताई है और इसे इंटरनेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेब्रेयसस ने एक पोस्ट में कहा कि एक इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन इमरजेंसी कमेटी गठित की जा रही है, जो यह तय करेगी कि Mpox को स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जाए या नहीं।

Mpox वायरस की स्थिति और WHO की प्रतिक्रिया पर विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:

  1. Mpox वायरस का प्रसार:
  • प्रारंभिक मामला: Mpox वायरस का पहला मामला रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो (डीआरसी) में रिपोर्ट किया गया था।
  • फैलाव: इसके बाद वायरस युगांडा और केन्या में फैल गया है। इस समय पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में इसके फैलने की आशंका है।
  1. WHO की चिंता:
  • चेतावनी: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने Mpox वायरस के प्रसार को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
  • इंटरनेशनल हेल्थ इमरजेंसी: WHO ने संभावित रूप से इसे एक इंटरनेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने की संभावना जताई है। इसके लिए एक इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन इमरजेंसी कमेटी का गठन किया जाएगा, जो यह तय करेगी कि इस स्थिति को स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में घोषित किया जाए या नहीं।
  1. WHO की योजना:
  • कमेटी गठन: WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेब्रेयसस ने बताया कि एक इमरजेंसी कमेटी बनाई जाएगी जो इस पर विचार करेगी कि Mpox को एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने की आवश्यकता है या नहीं।

इस स्थिति के संदर्भ में, WHO और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियां Mpox वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा रही हैं और इसकी निगरानी कर रही हैं।

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