Delhi HC: दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में बौद्धिक रूप से विकलांग लोगों के लिए संचालित आशा किरण आश्रय गृह में चिकित्सा और गैर-चिकित्सा कर्मचारियों की तत्काल नियुक्ति का आदेश दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अगुवाई में न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने इस गंभीर मुद्दे पर सुनवाई की और समाज कल्याण विभाग को आश्रय गृह में आवश्यक चिकित्सा बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए तत्परता से काम करने का निर्देश दिया।
14 मौतों पर चिंता जताई
इस आदेश के पीछे एक प्रमुख कारण आशा किरण आश्रय गृह में हालिया घटनाएँ हैं, जहां पिछले महीने के भीतर 14 कैदियों की मौत हो गई। अदालत ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि इतनी छोटी अवधि में इतनी मौतें एक संयोग नहीं हो सकतीं और इसके लिए चिकित्सा सुविधाओं की कमी को जिम्मेदार ठहराया।
समाज कल्याण सचिव की भूमिका
सुनवाई के दौरान समाज कल्याण सचिव ने स्वीकार किया कि आश्रय गृह में मेडिकल स्टाफ की कमी है, जिसमें 12 पद फिलहाल खाली हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अनुबंध के आधार पर स्टाफ की नियुक्ति के लिए उनके पास अधिकार नहीं हैं। अदालत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिव को आश्रय गृह में आवश्यक मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के लिए तुरंत कदम उठाने का आदेश दिया।
आवश्यक सुधारों पर जोर
अदालत ने आशा किरण आश्रय गृह की स्थितियों में सुधार करने के लिए भी कई निर्देश दिए हैं, जिसमें भीड़भाड़ कम करने, डॉक्टरों की कमी को पूरा करने और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। अदालत ने कहा कि पैसे की कमी कोई मुद्दा नहीं होनी चाहिए और शीघ्रता से कदम उठाए जाने चाहिए।
जल आपूर्ति की गुणवत्ता पर भी ध्यान
अदालत ने आश्रय गृह में जल आपूर्ति की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को पानी की गुणवत्ता का परीक्षण करने का निर्देश दिया। हालांकि, डीजेपी के प्रतिनिधि ने बताया कि पानी की गुणवत्ता बिल्कुल ठीक है।
भविष्य की योजना
अदालत ने सचिव को आश्रय गृह की मौजूदा स्थिति का विवरण प्रस्तुत करने और 20 दिनों के भीतर सुधारात्मक उपाय करने का आदेश दिया। इसके साथ ही, अदालत ने याचिका को सोमवार के लिए स्थगित कर दिया और सचिव से एक नई स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
दिल्ली हाईकोर्ट के इस आदेश से आशा है कि आशा किरण आश्रय गृह में जल्द ही चिकित्सा सुविधाओं में सुधार होगा और वहां रह रहे व्यक्तियों के जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी होगी।
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