Haryana: हरियाणा में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ने प्रभावी कार्ययोजना लागू की है, जिसके परिणामस्वरूप अपराध दर में महत्वपूर्ण गिरावट देखने को मिली है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर ने बताया कि अपराधियों के गठजोड़ को तोड़ने और गैंगस्टरों की आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए एसटीएफ की आठ टीमें गठित की गई हैं।
Haryana: अपराधियों की गिरफ्तारी में बड़ी सफलता
डीजीपी कपूर ने कहा कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने इस साल 7 अगस्त तक 121 मोस्ट वांटेड अपराधियों, 36 गैंगस्टरों और गंभीर अपराधों में शामिल 264 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, 53 स्वाट टीमें तैयार की गई हैं, जो कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद कर रही हैं। पुलिस टीमों ने ऑपरेशन आक्रमण के तहत 2,743 एफआईआर दर्ज कीं और 4,768 अपराधियों को गिरफ्तार किया।
Haryana: महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता
महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। डीजीपी कपूर ने बताया कि 2,153 हॉटस्पॉट क्षेत्रों और 292 हॉट रूट्स की पहचान की गई है, जहां छेड़छाड़ की घटनाएं होने की अधिक संभावना है। इन क्षेत्रों और मार्गों पर विशेष पुलिस ड्यूटी लगाई गई है।
हरियाणा पुलिस ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक जिले में चार महिला पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है, जो स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं। ये कार्यक्रम महिलाओं और बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श, साथ ही उनके मौलिक अधिकारों के बारे में शिक्षित करते हैं।
अपराधों में कमी
हरियाणा में पिछले साल की तुलना में इस साल बड़े अपराधों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) की रिपोर्ट के अनुसार, एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराधों, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, डकैती और हत्याओं में उल्लेखनीय कमी आई है। रिपोर्ट में एससी/एसटी एक्ट के मामलों में 53% की कमी, बलात्कार के मामलों में 15% की कमी, दहेज हत्याओं में 20% की कमी, छेड़छाड़ के मामलों में 30% की कमी, डकैती में 23% की कमी, स्नैचिंग में 10% की कमी, और जबरन वसूली व ब्लैकमेल के मामलों में 21% की कमी दर्ज की गई है।
पुलिस की कार्यकुशलता में सुधार
डीजीपी कपूर ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शन मूल्यांकन फॉर्म पेश किए गए हैं। ये फॉर्म पुलिस की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए मानक तय करते हैं और एसीआर (वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट) और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े फैसले प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर लिए जाते हैं। बेहतर कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें की जाती हैं।
डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस राज्य के निवासियों के लिए एक सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस अपराध के बदलते पैटर्न के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ काम कर रही है।
इस प्रभावी कार्ययोजना और त्वरित कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम हरियाणा पुलिस की समर्पण और मेहनत को दर्शाते हैं, जिससे राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार आया है।
Haryana:
डेरा जगमालवाली उत्तराधिकार विवाद: सिरसा में तनाव, इंटरनेट सेवाएं बंद
