Ayodhya rape case: अयोध्या में हाल ही में एक विवादित बलात्कार मामले के चलते जिला प्रशासन ने आरोपी की बेकरी पर बुलडोजर चलाया। आरोपी मोइद खान की बेकरी, जो तालाब की जमीन पर अवैध रूप से बनी थी, को शनिवार को ध्वस्त कर दिया गया।
घटना की पृष्ठभूमि
मामला तब प्रकाश में आया जब 12 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार की घटना सामने आई। पुलिस ने 30 जुलाई को आरोपी मोइद खान और उसके कर्मचारी राजू खान को अयोध्या जिले के पुरा कलंदर इलाके से गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों ने लड़की के साथ बलात्कार किया और इस कृत्य को रिकॉर्ड किया।
मेडिकल जांच के दौरान लड़की गर्भवती पाई गई, जिसके बाद घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव जय शंकर पांडे ने आरोपी का बचाव करते हुए कहा कि यह एक साजिश है और पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन की कार्रवाई
अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट चंद्र विजय सिंह ने पुष्टि की कि बेकरी को अवैध निर्माण के आधार पर ध्वस्त किया गया है। खाद्य अपमिश्रण अधिकारियों ने पहले बेकरी को सील कर दिया था और शनिवार को इसे पूरी तरह से गिरा दिया गया।
सपा ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोपियों का डीएनए परीक्षण कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे।
राजनीतिक विवाद
इस मामले ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि आरोपी समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं और पार्टी ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
सपा ने पीड़िता को ₹20 लाख की आर्थिक सहायता की मांग की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की है।
निष्कर्ष
अयोध्या बलात्कार मामला एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। प्रशासन की कार्रवाई और राजनीतिक विवाद इस मामले की जटिलता को बढ़ा रहे हैं। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को निष्पक्ष और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
Ayodhya rape case:
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