Supreme Court: हाल ही में, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को NEET-UG 2024 परीक्षा के संचालन में गंभीर चूक के लिए आलोचना की है। अदालत ने यह निर्णय दिया है कि NTA ने परीक्षा को गलत तरीके से संभाला, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और सुधारात्मक कदम
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2024 की परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर NTA को आड़े हाथों लिया और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश धनंजय वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए और NTA के प्रशासन में “गंभीर खामियों” को सुधारने के लिए कई संरचनात्मक सुधारों का प्रस्ताव किया है।
इसमें शामिल हैं:
- प्रश्नपत्रों के लिए छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग: प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए।
- सुरक्षित लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं का उपयोग: परीक्षा के संचालन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए।
- कठोर पहचान जांच: उम्मीदवारों की पहचान की सत्यता को सुनिश्चित करने के लिए।
- डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल: उम्मीदवारों के डेटा की सुरक्षा के लिए।
- नियमित ऑडिट और औचक निरीक्षण: परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए।
- सीसीटीवी निगरानी प्रणाली: सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यापक निगरानी के लिए।
समिति का गठन और रिपोर्ट की समयसीमा
सुप्रीम कोर्ट ने इन सुधारों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता ISRO के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के राधाकृष्णन करेंगे। समिति को 30 सितंबर, 2024 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को इस रिपोर्ट के आधार पर एक कार्य योजना तैयार करनी होगी और इसके अनुपालन की रिपोर्ट अदालत को प्रस्तुत करनी होगी।
NEET-UG 2024 का संकट और समाधान
NEET-UG 2024 परीक्षा, जो मई में भारत के 571 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, विवादों में घिरी रही। प्रश्नपत्र लीक, बढ़े हुए अंक, और मनमाने ढंग से अनुग्रह अंक देने के आरोपों ने परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित किया। इस स्थिति ने संसद को हिला दिया और कई अन्य परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन में सुरक्षा और निष्पक्षता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के प्रति एक महत्वपूर्ण कदम है। अदालत का हस्तक्षेप यह सुनिश्चित करने के लिए है कि भविष्य में ऐसी परीक्षाएँ NEET-UG 2024 में देखी गई खामियों और अनियमितताओं के बिना आयोजित की जाएं।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट द्वारा उठाए गए कदम NEET-UG 2024 परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास हैं। इस निर्णय के माध्यम से, अदालत ने परीक्षा प्रणाली में जनता के विश्वास को पुनः स्थापित करने और भविष्य की परीक्षाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में मजबूत संकेत दिए हैं।
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