लव जिहाद और धर्म परिवर्तन पर अब मिलेगी उम्रकैद की सजा,योगी सरकार ने बढ़ाया कानून का दायरा…

love jihad religious conversion: उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘लव जिहाद’ और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है। इस नए संशोधन के तहत, अब अवैध मतांतरण और विदेशी फंडिंग के साथ ‘लव जिहाद’ के मामलों में दोषियों को उम्रकैद भी हो सकती है। पहले की तुलना में, जुर्माना भी 10 लाख रुपये तक बढ़ाया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा में सुधार करना है और उन्हें अवैध मतांतरण और उत्पीड़न से बचाना है। यह नया कानून उत्तर प्रदेश विधानसभा में पारित किया गया है और इससे संबंधित समाचार विभिन्न मीडिया में व्यापक रूप से प्रकाशित किया जा रहा है।

कम स कम 20 साल की सजा या आजीवन कारावास

ऐसे मामले में आरोपित को कम से कम 20 वर्ष कारावास या आजीवन कारावास तक की सजा व जुर्माने से दंडित किया जाएगा। न्यायालय पीडि़त के इलाज के खर्च और पुनर्वास के लिए धनराशि जुर्माने के रूप में तय कर सकेगी। गंभीर अपराधों की भांति अब कोई भी व्यक्ति मतांतरण के मामले में भी एफआइआर दर्ज करा सकेगा। पहले मतांतरण से पीडि़त व्यक्ति, उसके स्वजन अथवा करीबी रिश्तेदार की ओर से ही एफआइआर दर्ज कराने की व्यवस्था की गई थी।

कानून का दायरा और सजा दोनों बढ़ाने का प्रस्ताव

अब कानून का दायरा और सजा दोनों बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। सभी अपराधों को गैरजमानती बनाते हुए जमानत के आवेदन पर पहले लोक अभियोजक का पक्ष सुने जाने की व्यवस्था भी की गई है। इनका विचारण सेशन कोर्ट से नीचे नहीं होगा।

यह भी किए गए प्रविधान

नाबालिग, दिव्यांग, मानसिक रूप से दुर्बल, महिला, अनुसूचित जाति व जनजाति के व्यक्ति का मतांतरण: न्यूनतम पांच वर्ष से 14 वर्ष तक का कारावास तथा न्यूनतम एक लाख रुपये जुर्माना।सामूहिक मतांतरण : न्यूनतम सात वर्ष से 14 वर्ष तक की सजा तथा न्यूनतम एक लाख रुपये जुर्माना।मतांतरण के लिए नाबालिग की तस्करी : आजीवन कारावास व जुर्माना।

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