Hariyali amavasya 2024: सनातन शास्त्रों में अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन पूजा, जप-तप और दान का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। इस वर्ष हरियाली अमावस्या 4 अगस्त 2024 को मनाई जाएगी। अमावस्या का दिन विशेष रूप से पवित्र माना जाता है और इस दिन गंगा स्नान करने से जीवन के सारे पाप कट जाते हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।हरियाली अमावस्या को विशेष रूप से खेती-बाड़ी से जुड़ी गतिविधियों के लिए शुभ माना जाता है। यह दिन प्रकृति की आराधना और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। ग्रामीण इलाकों में इस दिन पेड़-पौधों की पूजा की जाती है और नए पौधों को रोपित किया जाता है। इसे प्रकृति के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर भी माना जाता है।
ब्राह्मणों को दान देकर पुण्य प्राप्त करें
धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमावस्या के दिन विशेष पूजा और व्रत करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इस दिन पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म भी किए जाते हैं, जिससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।हरियाली अमावस्या के अवसर पर विभिन्न धार्मिक स्थल और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की जाती है। भक्तजन इस दिन विशेष रूप से ब्राह्मणों को दान देकर पुण्य प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इस दिन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह और विशेष तैयारियों का माहौल रहता है। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियाँ भी इस दिन महत्वपूर्ण होती हैं, जिससे हरियाली और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जागरूकता बढ़ती है।
तैयारी के टिप्स
पौधों की पूजा: इस दिन घर में नए पौधे रोपें और पुरानी हरियाली की देखभाल करें।
गंगा स्नान: यदि संभव हो, तो गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
पितृ तर्पण: पितरों की आत्मा को शांति देने के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करें।
दान और पूजन: ब्राह्मणों को दान दें और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन करें।
हरियाली अमावस्या पर क्या दान करना चाहिए
सावन के महीने में हरियाली अमावस्या मनाई जाती है। यह महीना देवों के देव महादेव को प्रिय है। ऐसे में चावल, सफेद वस्त्र, सफेद फूल, शक्कर और नारियल आदि का दान करें। इससे जातक को शिव जी की कृपा प्राप्त होगी।
हरियाली अमावस्या पर भूमि का दान कर सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भूमि का दान करने से पितृ देव प्रसन्न होते हैं।
