Gonda: गोंडा में 19 जुलाई 2024 को हुए रेल हादसे में पीड़ितों की मदद करने वाले स्थानीय ग्रामीणों को जिला प्रशासन ने आज सम्मानित किया। यह हादसा 19 जुलाई की दोपहर लगभग 2:30 बजे हुआ, जब 15904 चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ ट्रेन डीरेल हो गई और 19 बोगियां पलट गईं। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी में सबसे पहले स्थानीय ग्रामीण ही मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने यात्रियों को अस्पताल पहुंचाने, उनके खाने-पीने का प्रबंध करने और उनके सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली।
प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि से किया सम्मान
इस हादसे में स्थानीय लोगों की संवेदनशीलता और सजगता के चलते जनहानि में कमी आई। जिला प्रशासन ने बिशनपुर ग्राम पंचायत सचिवालय में एक सम्मान समारोह आयोजित किया, जहां 56 से अधिक ग्रामीणों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील, जिलाधिकारी नेहा शर्मा, और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मिलकर इन नायकों को सम्मानित किया।
आयुक्त और डीएम ने किया पुरस्कार वितरण
आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने सूरज कुमार, दिनेश, अभिषेक, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अनुराग सिंह, पवन कुमार यादव, आनंद कुमार द्विवेदी, राजबहादुर, संजय वर्मा, शिव कुमार, और कृष्ण मोहन सहित सभी नायकों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि दी। डीएम नेहा शर्मा ने पुरस्कार राशि अपने पिता की ओर से दी और इस अवसर पर सभी नायकों का आभार व्यक्त किया। आयुक्त ने कहा कि उनके प्रयास से हादसे में जान का नुकसान कम हो पाया और इससे अन्य लोगों को प्रेरणा मिलेगी। डीएम ने भी सभी नायकों का धन्यवाद अदा किया।
अधिकारियों की उपस्थिति में पौधारोपण और अन्य गतिविधियां
सम्मान समारोह के बाद, आयुक्त और जिलाधिकारी ने पौधारोपण भी किया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रश्मि वर्मा, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर ग्राम प्रधान, लेखपाल, ग्राम पंचायत सचिव सहित सभी संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस सम्मान समारोह ने साबित किया कि स्थानीय लोगों की तत्परता और साहस से बड़े हादसों में भी जान-माल की हानि को कम किया जा सकता है।
