Rajeev Ranjan JDU : जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता राजीव रंजन सिंह का अचानक निधन हो गया है। उनके पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, देर शाम उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें निकटस्थ अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन उनके बाद में चिकित्सकों ने उनकी मृत्यु की घोषणा कर दी।राजीव रंजन सिंह ने वर्ष 2010 में इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर विधायक के रूप में चुनाव लड़ा था। बाद में वर्ष 2015 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और वहां प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता के पद पर कार्यरत रहे। उन्होंने 2023 में फिर से जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो लिया था।
राजीव रंजन सिंह की मृत्यु की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। उनके निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत जनता दल (यूनाइटेड) के कई नेता गहरे शोक का इजहार कर रहे हैं।राजीव रंजन सिंह की असमय हुई दुर्घटनास्त्री मृत्यु ने राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों में गहरा दुख और अपेक्षा जनित किया है।
राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है- नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार नीतीश ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘राजीव रंजन एक कुशल राजनीतिज्ञ एवं प्रसिद्ध समाजसेवी थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।’’ मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति एवं उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
स्पीकर ने भी जताया शोक
वहीं, स्पीकर नंद किशोर यादव ने भी राजीव रंजन सिंह के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि राजीव इस्लामपुर के शोषित और वंचित वर्ग की आवाज थे। इस दुख की घड़ी में ईश्वर उनके परिजनों को धैर्य धारण करने की शक्ति दे। स्पीकर के अलावा बीजेपी के कई नेताओं ने भी शोक जताया है।
5 साल बाद भाजपा से वापस जदयू में हुए थे शामिल
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा जिले के निवासी रंजन ने 2010 में इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। वहीं पांच साल बाद, नीतीश के साथ मतभेदों के कारण वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए जो उस समय विपक्ष में थी। दिसंबर 2022 में, रंजन भाजपा को छोड़कर वापस जद(यू) में आ गये थे और उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता बनाया गया था।
