Henley Passport Index: हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा जारी की गई नवीनतम पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग में पाकिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर साबित हुआ है। इस रैंकिंग में एशियाई देश सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे शक्तिशाली घोषित किया गया है। वहीं, भारत ने इस लिस्ट में 82वां स्थान प्राप्त किया है, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर है।
पाकिस्तान की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, लगातार चौथे साल पाकिस्तानी पासपोर्ट ने खराब स्थान पर अपनी जगह बनाए रखी है। पाकिस्तान को दुनिया के चौथे सबसे कमजोर पासपोर्ट के रूप में स्थान दिया गया है। पाकिस्तान का पासपोर्ट यमन के साथ 100वें स्थान पर है, जो 33 देशों में वीजा फ्री एंट्री प्रदान करता है। हालांकि, पाकिस्तान की रैंकिंग इराक (101), सीरिया (102) और अफगानिस्तान (103) से ऊपर है।
सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे शक्तिशाली
इस रैंकिंग में सिंगापुर के पासपोर्ट धारकों को 192 देशों में वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा प्राप्त है, जिससे इसे सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट के रूप में स्थान मिला है। सिंगापुर का पासपोर्ट पिछले साल की तुलना में भी अधिक मजबूत हुआ है।
भारत की स्थिति में सुधार
वहीं, भारत ने अपने पासपोर्ट की ताकत में सुधार करते हुए 82वां स्थान प्राप्त किया है, जो इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को 60 देशों में वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा प्राप्त है।
रैंकिंग के मापदंड
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स विभिन्न देशों के पासपोर्ट की वीजा फ्री एंट्री, वीजा ऑन अराइवल, और वीजा आवश्यकताओं के आधार पर रैंकिंग करता है। इस रैंकिंग से यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा की स्वतंत्रता और वीजा नीतियों के मामले में पाकिस्तान अभी भी अन्य देशों के मुकाबले बहुत पीछे है।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2024 की रैंकिंग से यह साफ होता है कि सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे शक्तिशाली है, जबकि पाकिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर में से एक है। भारत ने भी अपने पासपोर्ट की स्थिति में सुधार किया है, जो एक सकारात्मक विकास है।
