रात में जगमगाते बाजार और महिला सुरक्षा, योगी बोले- यह पूरे समाज की प्रगति का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पोस्ट में लिखा कि आज नए उत्तर प्रदेश में रात के समय जगमगाते बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान एक बदली हुई तस्वीर पेश कर रहे हैं। इन बाजारों की रोशनी केवल कारोबार बढ़ने का संकेत नहीं है, बल्कि यह व्यापारियों के मन में पैदा हुए विश्वास को भी दिखाती है।
उन्होंने खास तौर पर उन महिलाओं का जिक्र किया, जो नाइट शिफ्ट में बिना किसी डर के अपने कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां निभा रही हैं। योगी ने कहा कि महिलाओं का यह आत्मविश्वास केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि पूरे समाज की तरक्की और बदलती सोच का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जब महिलाएं सुरक्षित माहौल में काम कर पाती हैं और आर्थिक गतिविधियों में हिस्सा लेती हैं, तो इससे समाज और प्रदेश दोनों मजबूत होते हैं।
2017 से पहले महिला सुरक्षा को लेकर परिवारों में रहता था डर, शाम होते ही कम हो जाती थीं व्यापारिक गतिविधियां
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और भरोसे का ऐसा माहौल हमेशा से नहीं था। साल 2017 से पहले अपराध और असुरक्षा के कारण सूर्यास्त होते ही बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने लगता था। दुकानदार शाम के बाद अपना कारोबार सीमित करने लगते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि देर रात तक काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उनके परिवारों में चिंता बनी रहती थी। कई परिवार अपनी बेटियों और महिलाओं को रात में बाहर काम करने की अनुमति देने से पहले कई बार सोचते थे।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर होने से अब कारोबार और महिलाओं के काम करने के अवसरों में भी बदलाव आया है।
डबल इंजन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से बदली यूपी की तस्वीर, महिला सुरक्षा को मिली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आए बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही डबल इंजन सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई, जिससे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने में मदद मिली।
योगी के मुताबिक, आज बाजार देर रात तक खुले रहते हैं। व्यापारियों को अपना कारोबार बढ़ाने के नए अवसर मिल रहे हैं। वहीं, प्रदेश की बेटियां भी सुरक्षित माहौल में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा का बेहतर माहौल बनने से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। इसका फायदा व्यापारियों, कामकाजी महिलाओं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल रहा है।
यूपी में महिला श्रम बल भागीदारी 13 से बढ़कर 36 प्रतिशत हुई, योगी ने बताया नए उत्तर प्रदेश की पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला श्रम बल भागीदारी के आंकड़ों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि साल 2017 में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी करीब 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है।
मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास, आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का बड़ा उदाहरण बताया। उनके अनुसार, महिलाएं अब पहले के मुकाबले ज्यादा संख्या में कामकाज और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं।
योगी ने इस बदलाव को ‘सुरक्षा से समृद्धि’ की ओर बढ़ते नए उत्तर प्रदेश की पहचान बताया। उनका कहना है कि जब महिलाओं को सुरक्षित माहौल और आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं, तो प्रदेश की तरक्की को भी नई रफ्तार मिलती है। हालांकि, महिला श्रम बल भागीदारी के बताए गए आंकड़ों का आधार और उनकी गणना की अवधि अलग से देखना जरूरी है।
