PM Modi Odisha: ओडिशा को PM मोदी की बड़ी सौगात, 169 करोड़ से बने RBI डेटा सेंटर का उद्घाटन; डिजिटल बैंकिंग को मिलेगी मजबूती

PM Modi Odisha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। करीब 169 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह सुविधा देश की डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास है और इसका फायदा गांवों, छोटे शहरों और समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और आर्थिक विकास का लाभ सभी तक पहुंचे।

RBI के नए डेटा सेंटर से क्या होगा फायदा? डिजिटल वित्तीय सेवाएं होंगी मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भुवनेश्वर में बने इस डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का महत्व सिर्फ ओडिशा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे देश को फायदा मिलेगा। सरकार जनहित, बेहतर प्रशासन और सुशासन को ध्यान में रखकर काम कर रही है। RBI का यह नया केंद्र डिजिटल वित्तीय सेवाओं को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में मदद करेगा। इसके जरिए देश की महत्वपूर्ण बैंकिंग और भुगतान प्रणालियों के संचालन के लिए सुरक्षित तकनीकी ढांचा तैयार होगा। डिजिटल लेनदेन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए यह सुविधा वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

जटनी के इन्फो वैली-II में बना RBI डेटा सेंटर, 18.55 एकड़ में फैला परिसर

RBI का नया डेटा सेंटर ओडिशा के जटनी स्थित इन्फो वैली-II में बनाया गया है। करीब 18.55 एकड़ में फैले इस परिसर में डेटा सेंटर के साथ साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान भी मौजूद है। इसकी आधारशिला 22 मार्च 2023 को तत्कालीन RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रखी थी। यहां महत्वपूर्ण भुगतान और निपटान प्रणालियों के साथ दूसरी प्रमुख तकनीकी सुविधाओं का संचालन किया जाएगा। डिजिटल बैंकिंग के दौर में वित्तीय आंकड़ों की सुरक्षा बेहद जरूरी हो गई है। ऐसे में यह केंद्र बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित और सुचारू रूप से चलाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

डिजिटल बैंकिंग से आम लोगों को फायदा, 59 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते

पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग की वजह से लोगों को अब चौबीसों घंटे बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिल रहा है। इससे छोटे कारोबारियों, कारीगरों, रेहड़ी-पटरी वालों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भी बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने का मौका मिला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 2014 में हर परिवार को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। अब देश में 59 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते हैं। इन खातों में न्यूनतम बैलेंस रखने और सालाना शुल्क जैसी शर्तें नहीं हैं। इनके जरिए सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचाने में भी मदद मिली है।

मुद्रा योजना और UPI से बढ़ा डिजिटल लेनदेन, छोटे कारोबारियों को मिल रहा कर्ज

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज लेना आसान हुआ है। उनके मुताबिक, सूक्ष्म और छोटे उद्यमियों के लिए 60 करोड़ से ज्यादा बिना गारंटी वाले ऋण खातों में 43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इनमें 65 प्रतिशत से ज्यादा ऋण महिलाओं को मिले हैं। उन्होंने बताया कि UPI के इस्तेमाल में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। 2016-17 के बाद से इसके सालाना लेनदेन की संख्या करीब 13,000 गुना बढ़ी है। अब UPI के जरिए एक महीने में 2,400 करोड़ से ज्यादा लेनदेन होते हैं, यानी रोजाना करीब 80 करोड़ लेनदेन।

साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान क्यों है जरूरी? वित्तीय डेटा को मिलेगी सुरक्षा

डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर सुरक्षा की जरूरत भी बढ़ गई है। RBI का नया डेटा सेंटर महत्वपूर्ण वित्तीय आंकड़ों और भुगतान प्रणालियों को सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी आधार उपलब्ध कराएगा। वहीं, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान इस क्षेत्र में विशेषज्ञता और प्रशिक्षण को बढ़ावा देगा। वित्त मंत्री ने डेटा सेंटर को डिजिटल युग की तिजोरी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2022 में डेटा सेंटर क्षेत्र को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया था, जिससे निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिली। मजबूत डिजिटल ढांचे से बैंकिंग, कर्ज, बीमा और निवेश जैसी सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का रास्ता मजबूत हो सकता है।

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