लखनऊ में दो दिन चलेगा फिल्म फेस्टिवल, देश-विदेश के कलाकार होंगे शामिल
लखनऊ फिल्म फोरम की पहल से होगा आयोजन
लखनऊ फिल्म फेस्टिवल सीजन-4 और इमैजिनेरियम 2026 का आयोजन अमरेन फाउंडेशन की पहल लखनऊ फिल्म फोरम की ओर से किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में फिल्मकारों, कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और युवा रचनाकारों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन का मकसद लखनऊ और आसपास के इलाकों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। साथ ही, युवाओं को सिनेमा, एनीमेशन और डिजिटल क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के नए अवसर देना भी इसका अहम उद्देश्य है।
AI हैकाथॉन और गेमिंग से समझेंगे सिनेमा की नई तकनीक
इस बार फिल्म फेस्टिवल में केवल फिल्में दिखाने तक ही कार्यक्रम सीमित नहीं रहेगा। AI हैकाथॉन, एनीमेशन और गेमिंग से जुड़े सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बताया जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस तरह फिल्म निर्माण, विजुअल इफेक्ट्स और कहानी कहने के तरीकों को बदल रहा है। नई तकनीक में दिलचस्पी रखने वाले युवाओं को अपने विचार साझा करने और रचनात्मक प्रयोगों को समझने का मौका मिलेगा।
पोलिश एनीमेशन फिल्मों की स्क्रीनिंग, विदेशी निर्देशकों से होगी बातचीत
फेस्टिवल में पोलैंड की एनीमेशन फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग भी होगी। इन फिल्मों के निर्देशकों से ऑनलाइन बातचीत करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान फिल्म की कहानी तैयार करने, किरदारों को गढ़ने और एनीमेशन की तकनीकों पर चर्चा की जाएगी। इससे स्थानीय फिल्मकारों और विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के काम करने के तरीकों को समझने में मदद मिलेगी।
‘रिटर्न ऑफ द जंगल’ के फिल्मकार वैभव कुमारेश की होगी मास्टरक्लास
एनीमेशन फिल्मकार वैभव कुमारेश भी इस महोत्सव का हिस्सा होंगे। वह अपनी फिल्म ‘रिटर्न ऑफ द जंगल’ के निर्माण से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। उनकी मास्टरक्लास में फिल्म बनाने की प्रक्रिया, एनीमेशन के इस्तेमाल और रचनात्मक काम से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा होगी। यह सत्र उन युवाओं के लिए खास हो सकता है, जो एनीमेशन या फिल्म निर्माण में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
कला, संस्कृति और पर्यावरण पर भी होगी चर्चा
लखनऊ फिल्म फेस्टिवल में सिनेमा के साथ कला, संस्कृति और पर्यावरण जैसे विषयों को भी जगह दी जाएगी। लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट (LMHA) के सहयोग से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनका उद्देश्य फिल्मों के जरिए समाज, कला और संस्कृति के बीच संवाद को बढ़ावा देना है। डिजिटल माध्यमों से कहानी कहने के नए तरीकों पर भी विचार साझा किए जाएंगे।
फिल्म ‘पारो’ की स्क्रीनिंग के साथ होगा लखनऊ फिल्म फेस्टिवल का समापन
दो दिवसीय महोत्सव का समापन फिल्म ‘पारो’ की स्क्रीनिंग के साथ होगा। पूरे आयोजन में अलग-अलग विषयों पर आधारित फिल्मों के प्रदर्शन के अलावा फिल्मकारों और विशेषज्ञों के बीच संवाद सत्र भी रखे जाएंगे। फिल्म फेस्टिवल की निदेशक रेणुका टंडन के मुताबिक, इसका मकसद सिर्फ फिल्में दिखाना नहीं, बल्कि स्थानीय कलाकारों और युवा फिल्मकारों को अनुभवी विशेषज्ञों से सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देना भी है। कुल मिलाकर, यह आयोजन लखनऊ के युवाओं के लिए सिनेमा, एनीमेशन और AI की दुनिया को करीब से जानने का खास अवसर लेकर आ रहा है।
