राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप शनिवार तड़के सुबह 4 बजकर 36 मिनट पर आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई। भूकंप का असर शिमला समेत प्रदेश के कई दूसरे इलाकों में भी महसूस किया गया। अचानक आए झटकों के कारण लोगों की नींद खुल गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हिमाचल में भूकंप से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं
भूकंप के झटकों से लोग जरूर सहम गए, लेकिन राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी इलाके से जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। न ही किसी मकान में दरार आने या इमारतों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। हालांकि, सुबह के वक्त भूकंप आने से लोगों में दहशत जरूर फैल गई।
भूकंप आने पर क्या करें?
भूकंप के दौरान घबराने के बजाय शांत रहना बेहद जरूरी है। अचानक धरती हिलने पर जल्दबाजी में बाहर भागना कई बार खतरनाक हो सकता है। ऐसे में सुरक्षित रहने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
घर के अंदर हैं तो भूकंप के झटकों के दौरान क्या करें?
अगर आप भूकंप के समय घर या किसी इमारत के अंदर हैं, तो तुरंत नीचे झुकें, किसी मजबूत मेज या डेस्क के नीचे छिपें और उसे पकड़कर रखें। सिर और गर्दन को हाथों से ढक लें। खिड़कियों, कांच के दरवाजों और भारी सामान से दूर रहें। झटके महसूस होते ही सीढ़ियों या लिफ्ट की तरफ भागने से बचें। कंपन बंद होने के बाद सावधानी से बाहर निकलें।
बाहर हैं तो इमारतों और बिजली के तारों से दूर रहें
अगर आप पहले से घर के बाहर हैं, तो किसी खुली और सुरक्षित जगह पर चले जाएं। इमारतों, दीवारों, पेड़ों और बिजली के तारों से दूरी बनाकर रखें। भूकंप के झटके बंद होने तक खुले स्थान पर ही रहें। अगर आप गाड़ी चला रहे हैं, तो सुरक्षित जगह देखकर वाहन रोक दें और झटके खत्म होने तक उसके अंदर रहें।
भूकंप के बाद भी बरतें सावधानी
भूकंप के बाद दोबारा झटके यानी आफ्टरशॉक आ सकते हैं। इसलिए क्षतिग्रस्त इमारतों में जाने से बचें और प्रशासन की सलाह पर ध्यान दें। गैस की गंध आने या बिजली की तारों को नुकसान पहुंचने पर संबंधित विभाग को सूचना दें। आग लगने के खतरे को देखते हुए माचिस, मोमबत्ती या खुली लौ का इस्तेमाल न करें। पालतू और घरेलू पशुओं को भी सुरक्षित रखने का ध्यान रखें।
फिलहाल हिमाचल में आए इस भूकंप से किसी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी भूकंप के दौरान और उसके बाद सावधानी बरतना जरूरी है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
