9 अक्टूबर को भारत पहुंचे थे ध्रुव राठी, अगले दिन हिरासत में लिए गए
ध्रुव राठी 9 अक्टूबर को जर्मनी से भारत आए थे। उनका मकसद 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होना था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। लेकिन भारत पहुंचने के अगले ही दिन सुबह उन्हें गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, रात होते-होते उन्हें छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद राठी के भारत आने और प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर काफी चर्चा हुई।
भारतीय नागरिकता पर उठे सवाल, पासपोर्ट दिखाकर दी सफाई
भारत आने के बाद ध्रुव राठी को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सबसे पहले उनकी भारतीय नागरिकता को लेकर सवाल उठाए गए। कुछ लोगों ने दावा किया कि उनके पास भारत की नागरिकता नहीं है। इन आरोपों पर राठी ने अपना पासपोर्ट दिखाकर सफाई दी। नागरिकता को लेकर विवाद थमा ही था कि उनके खिलाफ पुराने मानहानि मामले में अदालत से समन जारी होने की खबर सामने आ गई।
2018 के मानहानि मामले में दिल्ली की अदालत ने जारी किया समन
ध्रुव राठी के खिलाफ 2018 में दर्ज मानहानि के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने समन जारी किया है। अदालत इस मामले में भाजपा के आईटी सेल से जुड़े विकास पांडे की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में राठी के खिलाफ नया समन जारी करने की मांग की गई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने 12 अक्टूबर के आदेश में कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से पता चलता है कि शिकायतकर्ता पिछले कई सालों से राठी को समन पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
ऑस्ट्रिया में रहने और भारत में प्रदर्शन करने का जिक्र
अदालत में शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील समक्ष शर्मा ने बताया कि ध्रुव राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं और दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत आए थे। अदालत ने भी अपने आदेश में राठी के पिछले सात सालों से ऑस्ट्रिया में रहने का जिक्र किया। हालांकि, समन जारी होना अपने आप में दोष साबित होना नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर भी प्रदर्शन, दोनों पक्षों ने लगाए नारे
भारत में हुए प्रदर्शन की गूंज अब लंदन में भी सुनाई दे रही है। वहां भारतीय उच्चायोग के बाहर एनएसयूआई समर्थकों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद मोदी सरकार के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई। अब ध्रुव राठी के लंदन में प्रदर्शन करने के ऐलान ने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है। वह पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में लंदन में इस विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या माहौल बनता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
