एलन मस्क का नाम लेकर क्या बोले पूर्व भाजपा सांसद?
पत्रकारों से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह से दिल्ली में CJP की तिरंगा यात्रा को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने पहले एलन मस्क का नाम याद करने की कोशिश की और उन्हें एक अमेरिकी कारोबारी बताया। पत्रकारों ने जब एलन मस्क का नाम लिया, तो उन्होंने कहा कि हां, वही। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन उनके इशारे पर हो रहा है।
बृजभूषण ने कहा कि विदेशी कारोबारी भारत में अपनी शर्तों पर व्यापार करना चाहते हैं। उन्होंने इसे देश के खिलाफ बड़ा षड्यंत्र बताया। हालांकि, आंदोलन के पीछे एलन मस्क की भूमिका होने के उनके दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए इसे फिलहाल उनका आरोप ही माना जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने पर भी उठाए सवाल
बृजभूषण शरण सिंह ने आंदोलन और राजनीतिक मार्च को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने किसी पार्टी या नेता का नाम लिए बिना कहा कि अब देश की तुलना बांग्लादेश और पाकिस्तान से की जाने लगी है। उनके मुताबिक, देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट को धमकाने के नाम पर मार्च निकाला गया है।
यह टिप्पणी राहुल गांधी के नेतृत्व में पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च के संदर्भ में आई। बृजभूषण ने इस मार्च पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। हालांकि, मार्च के उद्देश्य और उसके बारे में लगाए गए आरोपों को समझने के लिए आयोजकों का पक्ष और प्रदर्शन से जुड़े तथ्य भी देखना जरूरी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर विपक्ष को दी नसीहत
बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन पर भी अपनी राय रखी थी। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के इस्तीफे की मांग करने के बजाय उसे जनता के बीच जाना चाहिए।
पूर्व सांसद के मुताबिक, विपक्ष को चुनाव जीतकर सत्ता में आना चाहिए और फिर जरूरत पड़ने पर कानून में बदलाव करना चाहिए। उनका कहना था कि केवल मांग उठाने से संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के इस्तीफे नहीं होने चाहिए।
उन्नाव से चुनाव लड़ने की अटकलों पर बृजभूषण ने दी सफाई
इस बीच, बृजभूषण शरण सिंह के उन्नाव दौरे के बाद उनके वहां से चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज उन्नाव से जुड़े रहे हैं और वह अपनी जड़ों को तलाशने के लिए वहां पहुंचे थे।
उन्होंने साफ किया कि उनके दौरे का मकसद राजनीतिक नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों की जन्मभूमि से जुड़ाव को समझना है। उनके इस बयान के बाद उन्नाव से चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की गई है।
फिलहाल, CJP आंदोलन, एलन मस्क को लेकर लगाए गए आरोपों और सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च पर बृजभूषण के बयान राजनीतिक चर्चा में हैं। उनके दावों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अहम होगी।
