सीएम योगी गुरुवार, 15 अक्टूबर को कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम और जल निगम के स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों पर फूल बरसाए और उन्हें अपने हाथों से भोजन भी परोसा।
स्वच्छता कर्मी समाज की नींव, उनके बिना शहर की चमक अधूरी
मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों की मेहनत की तारीफ करते हुए कहा कि स्वच्छता मित्र किसी भी शहर की नींव के पत्थर हैं। वे भले ही दिखाई न दें, लेकिन उनके काम पर ही शहर की साफ-सफाई और सुंदरता टिकी होती है।
उन्होंने कहा कि सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी-तूफान और त्योहारों के दौरान भी सफाईकर्मी सड़कों पर उतरकर लोगों को साफ वातावरण देते हैं। जब लोग त्योहार मनाने की तैयारी करते हैं, तब ये कर्मचारी शहर को साफ रखने में जुटे रहते हैं। प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि करीब 66 करोड़ श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद स्वच्छता व्यवस्था की तारीफ हुई।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीर
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले शहर की कई गलियों में गंदगी, जाम और खराब व्यवस्थाओं की शिकायतें रहती थीं। बिजली की समस्या और बदहाल घाट भी लोगों के लिए परेशानी का कारण थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले माफिया गरीबों और व्यापारियों की जमीनों पर कब्जा करके डर का माहौल बनाते थे। अब काशी अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास की नई राह पर आगे बढ़ रही है।
स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटा तो होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों के मानदेय और सुविधाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय, ईएसआई के तहत इलाज की सुविधा, सुरक्षा बीमा और पीएफ जैसी सुविधाओं पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि हादसे की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को आर्थिक परेशानी नहीं होनी चाहिए। पीएफ के जरिए सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मचारी के पास अपनी बचत होनी चाहिए, ताकि उसे दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े।
76 दिन के स्वच्छता अभियान से लोगों को मिला योजनाओं का लाभ
सीएम योगी ने वाराणसी दक्षिण के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी की ओर से 19 जुलाई से 2 अक्टूबर तक चलाए गए 76 दिवसीय वार्ड प्रवास और स्वच्छता अभियान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई रखने से डेंगू, मलेरिया, कालाजार और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।
इस अभियान के दौरान जरूरतमंदों को स्वास्थ्य शिविर, आयुष्मान कार्ड, आवास योजना और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को हर घर तक पहुंचकर पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देनी चाहिए।
लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही, जो जनता के बीच रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही होता है, जिसकी पहुंच हर घर तक हो और जो जनता की समस्याओं को समझे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग समाज और देश के बजाय केवल अपने परिवार को प्राथमिकता देते हैं, वे बदलाव नहीं ला सकते।
उन्होंने लोगों से सरकारी निर्माणों की सुरक्षा करने, पर्यावरण बचाने और संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
