हरियाणा चुनाव परिणाम 2024 के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर घमासान शुरू हो गया है। इस चुनावी संघर्ष में सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने अपने राजनीतिक तर्कों से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तुलना भजनलाल से की है, जिससे पार्टी के भीतर खलबली मच गई है।
सैलजा का सालासर धाम दौरा
शनिवार को मतदान के बाद, कुमारी सैलजा सालासर धाम पहुंचीं, जहां उन्होंने मंदिर के पुजारी से राजनीतिक आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है, जिसमें पुजारी उन्हें मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वाद देते नजर आ रहे हैं। गाय की पूंछ से आशीर्वाद लेते हुए सैलजा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला और चर्चाओं का विषय बन गया।
हुड्डा बनाम सैलजा: कांग्रेस के सामने चुनौती
कुमारी सैलजा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ अपना तर्क देते हुए कहा कि पार्टी को नये चेहरों और विचारों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जैसे भजनलाल के समय पार्टी ने नेतृत्व परिवर्तन देखा था, वैसे ही अब कांग्रेस को हरियाणा में बदलाव की जरूरत है। यह बयान कांग्रेस के भीतर गुटबाजी को और हवा दे सकता है, जहां हुड्डा और सैलजा खेमे के बीच रस्साकशी बढ़ती नजर आ रही है।
कांग्रेस की स्थिति पर सवाल
हरियाणा में चुनावी परिणामों के बाद कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी के भीतर आपसी सहमति कैसे बनाई जाए। सैलजा के बयान और पुजारी द्वारा दिए गए आशीर्वाद के बाद कांग्रेस के नेताओं के बीच खेमेबाजी और बढ़ सकती है। हुड्डा के समर्थक जहां उन्हें पार्टी का अनुभवी चेहरा मानते हैं, वहीं सैलजा समर्थक बदलाव की मांग कर रहे हैं।
आगे क्या करेगी कांग्रेस?
कांग्रेस नेतृत्व के लिए यह समय निर्णय लेने का है कि किसे मुख्यमंत्री बनाया जाए। पार्टी को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी तरह की अंदरूनी कलह से बचा जा सके, ताकि सरकार बनाने की प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
