कुमारी सैलजा के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रतिक्रिया

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने की अटकलों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी दलित विरोधी है और दलित नेताओं को आगे बढ़ने से रोकती है।

कांग्रेस पर दलित विरोधी होने के आरोप

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी दलितों का सम्मान नहीं करती और अगर कोई दलित नेता इस पार्टी में अपनी पहचान बनाना चाहता है, तो कांग्रेस उसे कुचल देती है। कुमारी सैलजा कोई छोटी-मोटी नेता नहीं हैं, बल्कि वे कांग्रेस की एक बड़ी और प्रभावशाली नेता हैं, विशेषकर दलितों की। अगर उन्होंने मुख्यमंत्री बनने की मांग की है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।”

कांग्रेस में परिवारवाद का बोलबाला

सैनी ने कांग्रेस में व्याप्त परिवारवाद की आलोचना करते हुए कहा, “कांग्रेस एक परिवारवादी पार्टी है, जहां केवल गांधी परिवार और उनके वफादारों का बोलबाला है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लेकर हरियाणा में भूपेंद्र हुड्डा और उनके बेटे तक, कांग्रेस पार्टी परिवारवाद में फंसी हुई है। अगर कोई नेता परिवारवाद के इस चक्र से बाहर सोचने की कोशिश करता है, तो उसे कुचल दिया जाता है।”

दलितों के प्रति कांग्रेस की नीति पर सवाल

नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पार्टी की दलित विरोधी नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी में दलित नेताओं को उचित सम्मान नहीं दिया जाता। कुमारी सैलजा के साथ जो हो रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस दलित नेताओं का सम्मान करने के बजाय उन्हें अपमानित करती है। यह कांग्रेस की दुर्भाग्यपूर्ण नीति है।”

पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की प्रतिक्रिया

इससे पहले, कुमारी सैलजा के बीजेपी में शामिल होने की संभावनाओं पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इस मुद्दे पर कहा था, “यह संभावनाओं का संसार है और राजनीति में कुछ भी हो सकता है। सही समय आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।”

हरियाणा की राजनीति में गरमाहट

कुमारी सैलजा की चुप्पी और विधानसभा चुनाव के प्रचार से दूरी ने हरियाणा की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस हाईकमान और भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी इस मुद्दे पर चुप हैं, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं। बीजेपी ने इस चुप्पी को चुनावी मुद्दा बना लिया है और इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।

कुमारी सैलजा की दूरी और राजनीति में प्रभाव

कुमारी सैलजा पिछले कुछ समय से कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा की गई जातिगत और निजी टिप्पणियों के कारण नाराज चल रही हैं। वे पिछले एक सप्ताह से किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आई हैं, जिससे उनके भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

कुमारी सैलजा के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें हरियाणा की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गई हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को और भी गरमा दिया है। कांग्रेस की चुप्पी और बीजेपी के आरोपों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि कुमारी सैलजा का अगला कदम क्या होगा।

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