ममता बनर्जी का गुस्सा हेमंत सोरेन पर
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस समय गुस्से में हैं, और यह गुस्सा बीजेपी या केंद्र सरकार के लिए नहीं, बल्कि उनके पड़ोसी राज्य झारखंड और वहां के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार के खिलाफ है। ममता बनर्जी ने झारखंड से पश्चिम बंगाल आने वाले मालवाहक वाहनों पर रोक लगा दी है, जिससे दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ गया है। इसके कारण दिल्ली-कोलकाता लेन पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
बाढ़ की स्थिति और डैम से छोड़ा गया पानी
ममता बनर्जी का आरोप है कि झारखंड सरकार ने मैथन और पंचेत डैम से बिना सूचित किए पानी छोड़ दिया, जिससे पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। खासकर पश्चिम बर्दवान और मेदिनीपुर के क्षेत्रों में बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं। ममता बनर्जी का कहना है कि झारखंड ने अपने राज्य को बाढ़ से बचाने के लिए जानबूझकर पानी को बंगाल की ओर छोड़ दिया। पिछले तीन दिनों में डैम से लगभग पांच लाख क्यूसेक पानी बंगाल की तरफ छोड़ा गया, जिससे हालात बिगड़ गए।
बंगाल सरकार की प्रतिक्रिया
बाढ़ से बिगड़ते हालात को देखते हुए ममता बनर्जी ने तुरंत प्रभाव से झारखंड से आने वाले मालवाहक वाहनों पर रोक लगाने का फैसला किया। मैथन के पास स्थित डीबूडीह चेकपोस्ट पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुवार शाम से झारखंड से आने वाले सभी मालवाहक वाहनों को रोक दिया। इसके चलते वहां ट्रैफिक जाम लग गया है और दिल्ली-कोलकाता लेन पर लंबी कतारें बन गई हैं। पुलिस ने बताया कि यह फैसला सीनियर अधिकारियों के आदेश पर लिया गया है, और जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, वाहनों को बंगाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
झारखंड सरकार की प्रतिक्रिया
झारखंड सरकार ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के इस कदम को जल्दबाजी में लिया गया और अनुचित बताया है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर बंगाल अपने निर्णय पर कायम रहता है, तो झारखंड भी बंगाल से आने वाले वाहनों पर रोक लगा देगा। उनका कहना है कि भारी बारिश के कारण झारखंड के जलाशयों का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था, और ऐसे में पानी छोड़ना मजबूरी थी।
डीवीसी के साथ संबंध खत्म करने की ममता की घोषणा
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार डीवीसी (दामोदर घाटी निगम) के साथ अपने सभी संबंध तोड़ रही है। उनका कहना है कि डीवीसी ने बिना किसी समन्वय के झारखंड के डैम से पानी छोड़कर बंगाल में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। ममता का आरोप है कि झारखंड और डीवीसी ने बंगाल को इस स्थिति में डाल दिया है, जबकि अंतर-राज्यीय समिति को इस पर नजर रखनी चाहिए थी।
झारखंड और बंगाल के बीच बढ़ता तनाव
इस घटना के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव और बढ़ गया है। झारखंड सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर बंगाल ने मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध जारी रखा, तो वह भी बंगाल से आने वाले वाहनों को रोकने के लिए मजबूर हो जाएगा। इससे व्यापारिक संबंधों पर भी असर पड़ सकता है, खासकर खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर।
ममता बनर्जी और हेमंत सोरेन सरकारों के बीच डैम से पानी छोड़ने को लेकर बढ़ते तनाव ने दोनों राज्यों के संबंधों को प्रभावित किया है। जहां एक ओर ममता बनर्जी ने झारखंड सरकार पर बाढ़ की स्थिति के लिए दोष मढ़ा है, वहीं झारखंड सरकार ने इसे मजबूरी करार दिया है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है और दोनों राज्यों के बीच तनाव कैसे कम होता है।
