प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने वक्फ संपत्ति, मणिपुर हिंसा, और जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) के संदर्भ में अपनी राय प्रस्तुत की। इसके अलावा, उन्होंने पीएम मोदी की विदेश नीति और उनकी महत्वाकांक्षी योजना ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर भी प्रकाश डाला।
वन नेशन वन इलेक्शन पर अमित शाह का बयान
अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति में एक नई ताकत आई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के दौरान विदेश नीति में एक ठोस और स्थिर दृष्टिकोण देखने को मिला है, जिसने भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को मजबूत किया है। शाह ने यह भी उल्लेख किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो भारत की बढ़ती साख का संकेत है।
विश्वास व्यक्त किया
वहीं, शाह ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ की महत्वाकांक्षी योजना के बारे में भी बात की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इस योजना को लागू किया जाएगा। यह योजना भारत में एक समान चुनाव प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे चुनावी प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सके।
JPC की भूमिका पर भी अपने विचार रखे
अमित शाह ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, मणिपुर हिंसा की स्थिति, और JPC की भूमिका पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने वक्फ संपत्तियों के उचित प्रबंधन और उनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मणिपुर हिंसा के संदर्भ में, शाह ने सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया कि हिंसा के मामलों की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
JPC के संदर्भ में, अमित शाह ने इसकी भूमिका और महत्व को स्पष्ट किया और बताया कि इसकी गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि यह संसद और जनता के प्रति अपने कर्तव्यों का सही निर्वहन कर रही है।
