दिल्ली आबकारी घोटाले में केजरीवाल को जमानत: पंजाब की राजनीति में उथल-पुथल के आसार

केजरीवाल की जमानत के बाद पंजाब में सियासी हलचल
दिल्ली आबकारी घोटाले में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलने के बाद पंजाब की राजनीति में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। केजरीवाल की जमानत की खबर के साथ ही पंजाब में कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। यह कदम राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रहा है।

कैबिनेट में खाली पद को लेकर उठने लगे सवाल
कैबिनेट मंत्री मीत हेयर के सांसद बनने के बाद कैबिनेट में खाली हुए पद को भरने को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर पश्चिमी उपचुनाव में विजयी उम्मीदवार मोहिंदर भगत को मंत्री बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, पार्टी हाईकमान के इशारे पर यह प्रक्रिया रोक दी गई थी, यह कहते हुए कि कैबिनेट में कोई भी फेरबदल केजरीवाल की रिहाई के बाद ही होगा।

केजरीवाल की जमानत पर AAP नेताओं की खुशी
अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलते ही आम आदमी पार्टी के नेताओं ने खुशी जाहिर की। पार्टी कार्यालय में जश्न मनाते हुए नेताओं ने नाच-गाना किया और इसे “सत्य की जीत” करार दिया। पार्टी के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां समेत अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भाजपा द्वारा फैलाए गए झूठ का पर्दाफाश बताया।

भाजपा के झूठ का पर्दाफाश: मंत्री हरजोत सिंह बैंस
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी गलत थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों ने स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से केजरीवाल के खिलाफ लगाए गए आरोपों का झूठ सामने आ गया है।

कैबिनेट फेरबदल की संभावना पर चर्चा
मुख्यमंत्री भगवंत मान, केजरीवाल से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मुलाकात के दौरान कैबिनेट में संभावित फेरबदल पर भी चर्चा होगी। वर्तमान में पंजाब कैबिनेट में तीन पद खाली हैं, जिन्हें जल्द भरा जा सकता है।

उपचुनाव और कैबिनेट पदों का समीकरण
आने वाले दिनों में पंजाब में चार उपचुनाव होने हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों में कैबिनेट के खाली पदों का इस्तेमाल एक रणनीतिक कदम हो सकता है। मुख्यमंत्री ने पहले जनता से वादा किया था कि जालंधर पश्चिमी विधानसभा से मोहिंदर भगत को विधायक चुनने पर उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। भगत की जीत के बावजूद यह प्रक्रिया रुक गई थी, लेकिन अब कैबिनेट में फेरबदल का समय आ गया है।

कैबिनेट फेरबदल को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल
ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले उपचुनावों को जीतने के लिए कैबिनेट में खाली पदों को एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जनता से कहा जाएगा कि यदि वे अपने उम्मीदवार को चुनते हैं, तो उन्हें मंत्री पद का इनाम मिलेगा, जिससे AAP की चुनावी स्थिति मजबूत हो सकेगी।

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