Kangana Ranaut: कंगना रनौत की आगामी फिल्म ‘इमरजेंसी’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म में कंगना प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के किरदार में नजर आएंगी। हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर को लेकर पंजाब के फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ट्रेलर में सिखों को गलत तरीके से पेश किया गया है। इस मुद्दे पर उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की है।
सांसद सरबजीत सिंह खालसा की आपत्ति
सरबजीत सिंह खालसा, जिनके पिता बेअंत सिंह ने 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या की थी, ने फिल्म के ट्रेलर पर असंतोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि फिल्म में संत जरनैल सिंह भिंडरावाला को खालिस्तान की मांग करते हुए दिखाया गया है, जोकि सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भिंडरावाला ने कभी खालिस्तान की मांग नहीं की। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे सिख समाज की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
फिल्म के संभावित प्रभाव पर चिंता
सरबजीत सिंह खालसा ने कहा कि उन्होंने अभी तक सिर्फ ट्रेलर देखा है, और फिल्म देखकर ही पता चलेगा कि इसमें और क्या दिखाया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि फिल्म में इमरजेंसी के दौरान सिखों को गलत तरीके से पेश किया जा सकता है, जिससे समाज में शांति और कानूनी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उनका मानना है कि इस फिल्म से सिख समुदाय के प्रति नफरत फैल सकती है, जबकि सिखों ने देश के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं।
एसजीपीसी का विरोध
फिल्म को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC) ने भी विरोध जताया है। एसजीपीसी का कहना है कि इंदिरा गांधी द्वारा इमरजेंसी लागू करने और ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान देश के एक बड़े हिस्से को यह दिखाने की कोशिश की गई थी कि उन्होंने देश को बचाया। हालांकि, इस ऑपरेशन के कारण कई जानें गईं। एसजीपीसी ने ट्रेलर पर उठे विवाद को गंभीर बताते हुए कहा कि फिल्म के ट्रेलर में दर्शाए गए दृश्य सिख समुदाय को गलत तरीके से दिखाते हैं।
फिल्म की रिलीज पर संदेह
‘इमरजेंसी’ फिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही विवादों में आ गया है। सिख समुदाय और एसजीपीसी द्वारा उठाए गए सवालों और आपत्तियों के बीच फिल्म की रिलीज पर अब अनिश्चितता का बादल छा गया है। फिल्म निर्माताओं को इस विवाद को सुलझाने और संवेदनशीलता से पेश आने की सलाह दी जा रही है। इससे फिल्म की रिलीज की तारीख के बारे में भी सवाल उठ सकते हैं, और संभावित विवादों को देखते हुए फिल्म के प्रति जनता की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
