Kajari Teej 2024: कजरी तीज पर सुहागिन महिलाएं व्रत करती हैं ताकि उनके पति की दीर्घायु और संतान की सुख-समृद्धि सुनिश्चित हो सके। इस दिन महिलाएं सोलह शृंगार करती हैं और गौरी-शंकर की पूजा करती हैं। इस अवसर पर निर्जला व्रत भी किया जाता है। वहीं, कुंवारी कन्याएं भी यह व्रत योग्य वर की प्राप्ति के लिए करती हैं।
कजरी तीज की सामग्री लिस्ट:
- पीले वस्त्र: पूजा के लिए विशेष पीले वस्त्र पहनने की परंपरा है।
- सुथनी या गहने: सोलह शृंगार के तहत गहने और आभूषण।
- फूल: पूजा के लिए विभिन्न प्रकार के फूल।
- पारंपरिक खाद्य सामग्री: जैसे कि पूड़ी, चना, मिठाई, और फल।
- पंडित या पुरोहित की उपस्थिति: पूजा के सही ढंग से संपन्न होने के लिए।
- गौरी-शंकर की मूर्तियां या चित्र: पूजा के लिए आवश्यक पूजा सामग्री।
- दीपक और तेल: दीप जलाने के लिए।
इस विधि से करें पूजा (Kajari Teej Puja vidhi
दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई कर लें। अब एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और शिव-पार्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इसके बाद मिट्टी से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाएं।
गौरी-शंकर की विधि-विधि पूर्वक पूजा करने के बाद माता पार्वती को शृंगार की सामग्री अर्पित करें। इसके बाद भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें दूध, दही बेलपत्र, गंगा जल और अन्य सामग्री अर्पित करें। पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए कजरी तीज की कथा का पाठ भी जरूर करें और रात में चंद्र देव की पूजा कर उन्हें अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलें।
