Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर और भीमसेन स्टेशन के बीच साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 19168 एक ब्लॉक सेक्शन में पटरी से उतर गई। यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रेन कानपुर से भीमसेन की ओर जा रही थी। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में कोई गंभीर घायल नहीं हुआ। घटनास्थल पर बसें भी पहुंच गई हैं जो यात्रियों को कानपुर तक ले जाने का इंतज़ाम कर रही हैं।
हादसे के कारण और प्रारंभिक जांच
हादसे के बाद से लोको पायलट का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि ट्रेन का इंजन एक बोल्डर से टकरा गया था, जिससे इंजन का कैटल गार्ड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसी कारण ट्रेन पटरी से उतर गई। हालांकि, इस बारे में अधिक जानकारी और कारण की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
घटनास्थल पर हड़कंप और यात्री की स्थिति
हादसे के बाद ट्रेन में सवार यात्री बुरी तरह डर गए और जान बचाने की कोशिश करने लगे। इस बीच ट्रेन में अफ़रा-तफरी का माहौल हो गया। जैसे ही हादसे की खबर मिली, कानपुर के डीएम राकेश कुमार सिंह और एडीएम घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया।
राहत और बचाव कार्य: प्रशासन की प्रतिक्रिया
कानपुर के डीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुंच गया और राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि ट्रेन के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। इस हादसे में कुछ लोगों को मामूली खरोंचें आई हैं, लेकिन कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को बुलाया गया है और यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बसें भी उपलब्ध करवाई गई हैं।
भारतीय रेलवे का आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और सपा का बयान
भारतीय रेलवे ने इस हादसे के संबंध में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिससे प्रभावित लोग और उनके परिजन सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर निशाना साधा है। सपा नेता आईपी सिंह ने कहा कि कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस के सभी डब्बे पटरी से उतर गए हैं और यह स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने रेल मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि रेल मंत्री इसे छोटे-मोटे हादसे बताते हैं और प्रधानमंत्री मौन हैं। सपा ने मांग की है कि रेल मंत्री का इस्तीफा जल्द से जल्द लिया जाए।
इस हादसे ने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है और प्रशासन को इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
