Udaipur में स्कूल छात्र पर चाकू से हमला, सांप्रदायिक तनाव बढ़ा

Udaipur: राजस्थान के उदयपुर में शुक्रवार, 16 अगस्त को एक सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा के एक छात्र द्वारा स्कूल के दूसरे छात्र पर चाकू से हमला कर दिया गया। इस घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया। हमले के बाद भड़की हिंसा के दौरान भीड़ ने कई कारों में आग लगा दी और पथराव किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में आज रात दस बजे से लेकर अगले चौबीस घंटों तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

चाकू से हमले का कारण अज्ञात

पुलिस के अनुसार, भटियानी चोहट्टा स्थित सरकारी स्कूल में चाकू घोंपने की घटना के पीछे के कारण का तत्काल पता नहीं चल पाया है। पीड़ित छात्र को जिला अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया है, और उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक हमले के कारणों के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

हिंसा और संपत्ति को नुकसान

घटना के विरोध में कुछ हिंदू संगठनों के सदस्य उदयपुर के मधुबन इलाके में एकत्र हुए। भीड़ ने पथराव किया और तीन-चार कारों में आग लगा दी। बाजार में भी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके कारण बापू बाजार, हाथीपोल, घंटाघर, चेतक सर्किल और आसपास के इलाकों में बाजार बंद कर दिए गए। हिंदू संगठनों के सदस्यों ने दुकानों को बंद करवाने के लिए दबाव डाला और कुछ हिंसक तत्वों ने एक शॉपिंग मॉल पर भी पथराव किया, जिससे दुकानों के कांच के दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

सरकारी अस्पताल के बाहर सैंकड़ों लोग जमा हो गए, जिसे देखते हुए पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया। उदयपुर के पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को पकड़ लिया गया है और पुलिस बल सभी इलाकों में तैनात है, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

जनप्रतिनिधियों की बैठक

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट, जिलाधिकारी अरविंद पोसवाल, एसपी योगेश गोयल, राज्यसभा सदस्य चुन्नीलाल गरासिया, लोकसभा सांसद मन्नालाल रावत, विधायक ताराचंद जैन और फूल सिंह मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की। इस बैठक में स्थिति को नियंत्रित करने और आवश्यक कार्रवाई के बारे में चर्चा की गई।

यह घटना न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती है, बल्कि समाज में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने वाली स्थिति भी उत्पन्न कर रही है। सरकार और प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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