Union Cabinet: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में भारत के विकासात्मक परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत, पश्चिम बंगाल और बिहार में दो नई एयरपोर्ट परियोजनाओं के साथ-साथ तीन प्रमुख मेट्रो रेल परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिली है।
1. एयरपोर्ट परियोजनाएं
पटना (बिहटा) में नया सिविल एन्क्लेव: पटना के बिहटा में एक नए सिविल एन्क्लेव के निर्माण की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर 1,413 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। यह नया टर्मिनल भवन 66,000 वर्गमीटर में फैला होगा और इसकी क्षमता 3,000 पीक ऑवर यात्रियों (PHP) की होगी। इसके साथ ही, इस सुविधा की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष एक करोड़ यात्रियों की सेवा करने की व्यवस्था की जाएगी।
बागडोगरा में नया टर्मिनल भवन: बागडोगरा हवाई अड्डे पर भी एक नया टर्मिनल भवन निर्माण की योजना है। इस टर्मिनल की लागत 1,549 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है और यह 70,390 वर्गमीटर में फैला होगा। यह नई सुविधा 3,000 पीक ऑवर यात्रियों (PHP) की क्षमता के साथ सालाना 10 मिलियन यात्रियों को सेवा प्रदान करेगी।
2. मेट्रो रेल परियोजनाएं
बैंगलोर मेट्रो रेल परियोजना के तीसरे चरण: बैंगलोर मेट्रो रेल परियोजना के तीसरे चरण को मंजूरी दी गई है, जिसमें कुल 44.65 किलोमीटर लंबा और 31 स्टेशनों वाला दो एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। कॉरिडोर-1 जेपी नगर चौथे चरण से बाहरी रिंग रोड पश्चिम के साथ केम्पापुरा तक विस्तारित होगा, जबकि कॉरिडोर-2 होसाहल्ली से कडाबगेरे तक मगदी रोड के साथ चलेगा।
ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना: ठाणे के पश्चिमी हिस्से में 29 किलोमीटर लंबे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना को भी मंजूरी मिली है, जिसमें 22 स्टेशन शामिल होंगे। यह परियोजना ठाणे की आर्थिक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाएगी।
पुणे मेट्रो रेल परियोजना का विस्तार: पुणे में स्वर्गेट से कटराज तक के भूमिगत लाइन विस्तार की मंजूरी दी गई है। लाइन-1बी के नाम से जाना जाने वाला यह विस्तार 5.46 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें तीन भूमिगत स्टेशन शामिल होंगे।
इन परियोजनाओं की मंजूरी भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा।
Union Cabinet:
जय शाह की गौतम गंभीर के कोच बनने को लेकर टिप्पणी: बीसीसीआई के फैसले पर एक नजर
