अमेरिका ने शेख हसीना के इस्तीफे में संलिप्तता के आरोपों को बताया ‘हास्यास्पद’

America: ने हसीना के इस्तीफे में संलिप्तता के आरोपों को बताया 'हास्यास्पद

America: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद अमेरिका पर उठे आरोपों को लेकर स्थिति साफ करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इन्हें “हास्यास्पद” और “पूरी तरह से झूठा” करार दिया।

America: क्या है पूरा मामला?

5 अगस्त को शेख हसीना ने अचानक प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और भारत में शरण ली। उनके इस्तीफे से पहले, ढाका में हजारों प्रदर्शनकारियों ने उनकी सरकार को हटाने की मांग की थी। इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई हफ्तों तक चले दंगों में 450 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसके बाद, नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया।

America: अमेरिका का बयान

मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान, वेदांत पटेल ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का शेख हसीना के इस्तीफे से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “यह आरोप पूरी तरह से आधारहीन और झूठे हैं।” उन्होंने आगे बताया कि बांग्लादेश में हुई घटनाओं को लेकर हाल के हफ्तों में काफी गलत सूचनाएं फैलाई गई हैं।

पटेल ने कहा, “हम क्षेत्रीय पारिस्थितिकी तंत्र, खासकर दक्षिण एशिया में अपने साझेदारों के बीच सूचना और अखंडता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

शेख हसीना के बेटे का दावा

शेख हसीना के बेटे, सजीब वाजेद जॉय, ने भी बांग्लादेश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस समय यह बांग्लादेश से बाहर से है। केवल एक खुफिया एजेंसी के पास प्रदर्शनकारियों को हथियारों की तस्करी और आपूर्ति करने की क्षमता होगी।”

शेख हसीना की मांग

भारत में शरण लेने के बाद अपने पहले बयान में, शेख हसीना ने हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और अन्य लोगों की हत्याओं में शामिल लोगों के लिए सजा की मांग की। उन्होंने कहा, “पिछले जुलाई से आंदोलन के नाम पर बर्बरता, आगजनी और हिंसा के कारण कई नए लोगों की जान चली गई है।”

उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के ढाका स्थित संग्रहालय को नष्ट किए जाने से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।

निष्कर्ष

अमेरिका ने बांग्लादेश में हुए हालिया घटनाक्रम में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है और इसे ‘हास्यास्पद’ करार दिया है। शेख हसीना के इस्तीफे और भारत में शरण लेने के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।

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