Mamata ultimatum: कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक 31 वर्षीय डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले की जांच को लेकर बड़ा बयान दिया। सुश्री बनर्जी ने राज्य पुलिस को रविवार तक का समय दिया है कि वह इस मामले को सुलझाए, अन्यथा इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया जाएगा।
Mamata ultimatum: मामले का विवरण
यह मामला तब प्रकाश में आया जब पिछले सप्ताह शुक्रवार की सुबह उक्त डॉक्टर का शव कॉलेज के सेमिनार हॉल में मिला। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिनमें आंख, गर्दन, और निजी अंगों से खून बह रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार किया है, जो नियमित रूप से अस्पताल आता-जाता था।
ममता बनर्जी का बयान और विपक्षी दबाव
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़िता के परिवार से मिलने के बाद प्रेस को संबोधित किया और कहा कि अगर सभी आरोपियों को रविवार तक गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे इस मामले को सीबीआई को सौंप देंगी। उन्होंने राज्य पुलिस का समर्थन किया, जिसे उन्होंने “दुनिया में सर्वश्रेष्ठ” कहा, लेकिन भाजपा के राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें यह अल्टीमेटम देना पड़ा।
सुश्री बनर्जी ने सीबीआई पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर यह एजेंसी इस मामले को लेती है, तो भी वे इसके खिलाफ नहीं हैं, हालांकि उन्होंने सीबीआई की सफलता दर पर सवाल उठाया, जिसमें रवींद्रनाथ टैगोर के नोबेल पुरस्कार की चोरी जैसे मामलों का उदाहरण दिया।
Mamata ultimatum: कोलकाता पुलिस की प्रतिक्रिया
कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने मुख्यमंत्री की समय सीमा के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस इस अपराध को सुलझाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अगले चार-पांच दिनों में अगर और भी अपराधी हैं, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विरोध और इस्तीफा
इस घटना के बाद देशभर में डॉक्टरों और राजनीतिक विपक्ष द्वारा विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष ने इस्तीफा दे दिया है, जिन पर पीड़िता को दोषी ठहराने का आरोप लगाया जा रहा था। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने उनके निलंबन की मांग की थी, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देते हुए कहा कि वह इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
निष्कर्ष
यह मामला न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश में चिकित्सा पेशेवरों और आम जनता के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सीबीआई को जांच सौंपने की संभावना ने इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य पुलिस इस चुनौती को कैसे संभालती है और क्या सीबीआई इस मामले को अपने हाथ में लेगी।
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