प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Wayanad में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, क्षतिग्रस्त स्कूल और राहत शिविरों का निरीक्षण

  • प्रधानमंत्री मोदी ने वायनाड में भूस्खलन के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और जी.वी.एच.एस. स्कूल वेल्लारमाला का निरीक्षण किया।
  • मोदी ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी से बच्चों के बारे में पूछा जिन्होंने अपने परिवार को खोया।
  • प्रधानमंत्री ने राहत कार्यों की समीक्षा की और पुनर्वास के लिए केंद्र से दो हजार करोड़ रुपये की मांग की गई है।

Wayanad: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वायनाड जिले में 30 जुलाई को आए विनाशकारी भूस्खलन के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरे के दौरान, उन्होंने सबसे पहले जी.वी.एच.एस. स्कूल वेल्लारमाला का निरीक्षण किया, जो भूस्खलन से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। प्रधानमंत्री ने स्कूल में 15 मिनट बिताए और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी से पूछा कि कितने बच्चों ने इस आपदा में अपने माता-पिता को खोया है।

प्रधानमंत्री मोदी की भावुक प्रतिक्रिया और राहत कार्यों की समीक्षा

प्रधानमंत्री मोदी ने जी.वी.एच.एस. स्कूल की स्थिति को देखकर गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया। स्कूल में 582 छात्र थे, जिनमें से 27 अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भूस्खलन पीड़ितों के पुनर्वास पर मुख्यमंत्री से बातचीत की और राहत कार्यों की समीक्षा की।

प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना द्वारा बनाए गए 190 फीट लंबे बेली ब्रिज का भी दौरा किया। उन्होंने ब्रिज पर चलकर रक्षा अधिकारियों से बात की और राहत कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी ने एक स्थानीय अस्पताल और राहत शिविर का दौरा किया, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली।

प्रधानमंत्री मोदी की समीक्षा बैठक और केरल सरकार की मांग

प्रधानमंत्री मोदी ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। समीक्षा बैठक में राहत और पुनर्वास कार्यों पर चर्चा की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके।

प्रधानमंत्री के दौरे से एक दिन पहले, केरल सरकार ने केंद्र से आपदा प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए दो हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता की मांग की थी। यह मांग भूस्खलन के व्यापक नुकसान और प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को देखते हुए की गई है।

भूस्खलन की स्थिति और प्रतिक्रिया

30 जुलाई को वायनाड जिले में आए भूस्खलन ने क्षेत्र को गंभीर रूप से प्रभावित किया, जिसमें 416 लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक लोग लापता हो गए। इस विनाशकारी घटना के बाद से राहत और पुनर्वास कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं, और प्रधानमंत्री मोदी के दौरे ने इस कार्य को और अधिक प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।

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