Sikkim Earthquake। शुक्रवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, यह भूकंप सुबह 6:57 बजे सोरेंग क्षेत्र में आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई। भूकंप के कारण जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। सिक्किम भूकंप के उच्च जोन में आता है और इसे जोन-4 में रखा गया है।
सिक्किम में शुक्रवार की सुबह आए भूकंप के झटके राज्य के सोरेंग क्षेत्र में महसूस किए गए। यह झटके इतने तेज थे कि कई लोगों की नींद टूट गई और वे घबराकर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
सिक्किम में भूकंप आने की संभावना
सिक्किम एक भूकंप प्रभावित क्षेत्र है, जिसे जोन-4 में रखा गया है, जो इसे भूकंप के लिहाज से उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बनाता है। राज्य की भौगोलिक स्थिति और हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण, सिक्किम में भूकंप आने की संभावना अधिक रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में नियमित रूप से हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं, लेकिन भारी भूकंप की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि भूकंप के झटकों के बाद भी एहतियात बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए तैयार रहें।
2011 में आया भूकंप सबसे विनाशकारी था
सिक्किम में पहले भी कई बार भूकंप आ चुके हैं, जिनमें 2011 में आया भूकंप सबसे विनाशकारी था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी और भारी मात्रा में संपत्ति का नुकसान हुआ था। इस प्रकार की घटनाएं राज्य के भूकंप प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करती हैं और सरकार और स्थानीय अधिकारियों को हमेशा तैयार रहने की जरूरत है।
