बहाने से बुलाता, गलत जगह टच करता; छात्राएं बोलीं- टीचर भेजती थी प्रिंसिपल के कमरे में

वह बहाने से कमरे में बुलाता है। गंदी बातें करता, गलत जगह टच करता। अपनी कुर्सी के बिल्कुल पास खड़ा करके गंदी नजरों से देखता…कहते हुए छात्राएं फूट-फूट कर रोने लगीं। छात्राएं इतनी घुटन से भरी थीं कि उनकी तकलीफ देखकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया। साथ ही आरोपी खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के लिए शिक्षा विभाग को खत लिख दिया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। मामा हरियाणा के जींद जिले के उचाना का है।

अगस्त 2023 में लेटर लिखकर शिकायत की गई

जिले के ADC डॉ. हरीश वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि उचाना के गवर्नमेंट स्कूल के प्रिंसिपल करतार सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। अभी उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी। अगर जांच में वे दोषी पाए गए तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा। मामला काफी गंभीर है। पीड़ित छात्राओं के 5 पन्नों वाले लेटर के आधार पर कार्रवाई की गई है, जो 31 अगस्त 2023 को महिला आयोग दिल्ली, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम लिखा गया था। जिला प्रशासन के पास पहुंची तो जांच कमेटी बनाई गई। DEO ज्योति श्योकंद जांच टीम में शामिल थी, जो पीड़ित छात्राओं से बाचीत करने पहुंची तो वे उन्हें अपनी कहानी सुनाते हुए रो पड़ीं।

अच्छे नंबरों से पास करने का लालच देता था

छात्राओं ने DEO ज्योति श्योकंद को बताया कि प्रिंसिपल करतार सिंह उन्हें अपने कमरे में किसी न किसी बहाने से बुलाता है। उसके कमरे में काले शीशे लगे हैं। कुछ महीने पहले स्कूल में एक टीचर आई थीं, वे प्रिंसिपल की दोस्त थीं। उनके कहने पर वह ही उनको कमरे में भेजती थी। कमरे में प्रिंसिपल छात्राओं से गंदी हरकतें करता। छेड़छाड़ करता है। अश्लील बातें करता। अचान कोई आ जाता तो वह बात बदल देता था। जो छात्रा पसंद आ जाती थी, वह उसे किसी न किसी बहाने से अपने कमरे में बुलाता रहता था। अच्छे नंबरों से पास कराने का लालच देकर फायदा उठाता था। छात्राओं पर प्रिंसिपल के अत्याचारों की कहानी सुनकर DEO तमतमा गईं।

पहले जिस स्कूल में था, वहां भी यही करता था

छात्राओं ने बताया कि कई छात्राओं ने प्रिंसिपल की हरकतों का विरोध किया, लेकिन वह झूठे आरोप लगाकर स्कूल से निकालने, पेपर और प्रैक्टिकल में फेल करने की धमकी देता था। उन्होंने पहले भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी थी, लेकिन प्रिंसिपल अपनी पहुंच के कारण बच गया। वह पहले गांव घोघड़ियां के सरकारी स्कूल में तैनात था। वहं भी उसकी हरकतें ऐसी ही थीं, लेकिन वहां के लोगों ने मिलकर प्रिंसिपल के खिलाफ आवाज उठाई और उनका तबादला करवा दिया था। अब वह उनके स्कूल में आया है तो उसकी गंदी हरकतें जारी हैं। इसलिए मजबूर होकर उन्हें राष्ट्रपति के नाम खत लिखना पड़ा, जिस पर कार्रवाई भी हुई।

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