Delhi: दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने हाल ही में राजधानी में बस दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। मंत्री ने जुलाई में क्लस्टर बसों से जुड़ी छह घातक दुर्घटनाओं के मद्देनजर इन उपायों को लागू करने का निर्णय लिया है।
ड्राइवरों की सुरक्षा और प्रशिक्षण पर जोर
गहलोत ने बताया कि ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब सिम्युलेटर-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण ड्राइवरों की गति, दूरी का निर्णय, तनाव सहन क्षमता और ड्राइविंग कौशल की जांच करेगा। नंद नगरी डिपो में डीटीसी प्रशिक्षण केंद्र पर यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही, ड्राइवरों के लिए दो सिमुलेटर भी खरीदे जा रहे हैं जो न केवल नए ड्राइवरों बल्कि वर्तमान ड्राइवरों की भी निगरानी करेंगे।
ड्राइवरों के लिए स्वास्थ्य और वर्क शिफ्ट मानक
मंत्री ने ब्लैक लिस्टेड ड्राइवरों को काम पर रखने से बचने के लिए ड्राइवरों का एक साझा पूल बनाने का सुझाव दिया है। इसके तहत, ड्राइवरों के आधार नंबर से जुड़े गतिविधियों की निगरानी की जाएगी ताकि ब्लैक लिस्टेड ड्राइवर किसी अन्य विभाग या ऑपरेटर द्वारा काम पर न रखे जाएं। साथ ही, सभी ड्राइवरों के लिए नियमित मेडिकल जांच अनिवार्य की जाएगी, जिसमें 45 वर्ष की आयु के बाद हर पांच साल में और 55 वर्ष की उम्र के बाद वार्षिक जांच शामिल होगी।
ड्यूटी आवंटन और थकावट की समस्या का समाधान
आधार-आधारित ड्यूटी आवंटन शुरू किया जाएगा, जिससे ड्राइवरों को एक दिन में कई शिफ्ट में काम करने से रोका जा सके। इसके लिए सभी डिपो में बायोमेट्रिक फेस रिकग्निशन सिस्टम भी लगाया जाएगा। इससे ड्राइवरों की थकावट कम करने में मदद मिलेगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
इलेक्ट्रिक बसों के लिए विशेष प्रशिक्षण
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए भी विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। हाल ही में, डीटीसी ने इलेक्ट्रिक बसों के लिए ड्राइवरों के प्रशिक्षण का जिम्मा अपने हाथ में लिया है। नए प्रशिक्षकों द्वारा 120 के बैच में छह दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे ड्राइवरों को इलेक्ट्रिक बसों की विशेषताओं और संचालन की समझ बढ़ेगी।
यातायात की बाधा और संभावित सुधार
निवासियों ने लगातार दुर्घटनाओं और ब्रेकडाउन को लेकर चिंता व्यक्त की है, जो मुख्य सड़कों पर यातायात को प्रभावित कर रही हैं। गहलोत ने आश्वासन दिया कि ये नए उपाय आने वाले समय में बसों से जुड़ी दुर्घटनाओं को कम करेंगे और यातायात की समस्याओं को दूर करने में सहायक होंगे।
Delhi: दिल्ली सरकार की ये पहल न केवल बस दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने में मददगार साबित होंगी, बल्कि दिल्ली के यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को भी मजबूत करेंगी।
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