केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच भूस्खलन पर आरोप-प्रत्यारोप

Kerala: भूस्खलन पर मुख्यमंत्री विजयन और केंद्रीय मंत्री यादव आमने-सामने

Kerala: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव पर मंगलवार को तीखा पलटवार किया। यादव ने केरल सरकार पर पारिस्थितिक रूप से नाजुक क्षेत्रों में अवैध मानव आवास विस्तार और खनन की अनुमति देने का आरोप लगाया था, जिसके चलते 30 जुलाई को वायनाड में भूस्खलन हुआ। इस त्रासदी में 220 से अधिक लोग मारे गए, जिसे 2018 की बाढ़ के बाद राज्य की सबसे बड़ी मानसून त्रासदी कहा जा रहा है।

Kerala: मुख्यमंत्री विजयन का प्रतिवाद

मुख्यमंत्री विजयन ने यादव के आरोपों को ‘निंदनीय’ और ‘झूठा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यादव के इस बयान से आपदा से प्रभावित लोगों का अपमान हो रहा है। विजयन ने पूछा कि ये तथाकथित अनधिकृत निवासी कौन हैं? क्या वे भूस्खलन में मारे गए एस्टेट कर्मचारी हैं या वे आम लोग हैं जो अपनी छोटी सी जमीन पर रहते थे? मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केरल के पहाड़ी क्षेत्रों में पलायन का इतिहास सदियों पुराना है और केंद्रीय मंत्री का इस इतिहास को समझे बिना इन लोगों को अतिक्रमणकारी करार देना अनुचित है।

Kerala: अवैध खनन के आरोपों का खंडन

मुख्यमंत्री ने यादव के अवैध खनन के दावे को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि भूस्खलन क्षेत्र से निकटतम खदान 10.2 किलोमीटर दूर है। विजयन ने पूछा, “केंद्रीय मंत्री गलत सूचना क्यों फैला रहे हैं?” विजयन ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार भूस्खलन की पृष्ठभूमि में राज्य सरकार की आलोचना करने वाले लेख लिखने और राय व्यक्त करने के लिए वैज्ञानिकों पर दबाव डाल रही है।

राजनीति से प्रेरित आरोप

विजयन ने कहा कि 30 जुलाई को हुए भूस्खलन से सबसे ज़्यादा प्रभावित गांवों में से एक मुंडक्कई एक ऐसा इलाका है, जहां पर्यावरण का ‘गंभीरता से ख्याल रखा जाता है’ और ‘वहां कोई अवैध खनन नहीं होता है’। उन्होंने ‘अवैध खनन’ के आरोपों को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया।

तलाशी अभियान जारी

वायनाड के मेप्पाडी पंचायत के चूरलमाला, मुंडक्कई और कुछ अन्य गांवों को प्रभावित करने वाले भूस्खलन में मारे गए लोगों के अवशेषों को खोजने के लिए बचाव एजेंसियों द्वारा मंगलवार को भी तलाशी अभियान जारी रहा। आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या 224 बताई गई है, लेकिन 181 शवों के अंग बरामद किए गए हैं, जिनमें से ज़्यादातर की पहचान परिवारों द्वारा नहीं की जा सकी है। राज्य सरकार ने लापता लोगों की संख्या 154 बताई है।

निष्कर्ष

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच भूस्खलन पर आरोप-प्रत्यारोप ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। जहां मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के आरोपों को नकारते हुए उन्हें राजनीति से प्रेरित बताया, वहीं यादव ने राज्य सरकार पर पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। इस विवाद ने त्रासदी के बाद केरल की राजनीति को गर्मा दिया है, और इसका समाधान खोजने के लिए दोनों पक्षों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

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