Uttar Pradesh: संसद में समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने स्मार्टफोन और इंस्टाग्राम के प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने युवाओं और परिवारों पर इन डिजिटल माध्यमों के नकारात्मक प्रभाव की ओर ध्यान आकर्षित किया।
डिजिटल मीडिया के दुष्परिणाम
रामगोपाल यादव ने कहा कि आजकल की घटनाएं, जैसे कि परिवार के सदस्यों के बीच हिंसा और अपराध, स्मार्टफोन और इंस्टाग्राम के बढ़ते प्रभाव के कारण हो रही हैं। उनका कहना है कि आधुनिक बच्चे अपने परिवार के साथ कम समय बिताते हैं और अधिक समय स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर बर्बाद करते हैं। इससे पारिवारिक संबंधों में कमी आई है और समाज में असभ्यता और हिंसा बढ़ रही है।
शिक्षा और सामाजिक मूल्य
सांसद ने संसद में अपने बयान में इंग्लिश की शिक्षा और उसके महत्व पर भी बात की। उन्होंने बताया कि पहले जब छात्र थोड़ी अंग्रेजी सीखते थे, तो उन्हें एक महत्वपूर्ण शिक्षा दी जाती थी—कि धन खोने से कुछ नहीं जाता, स्वास्थ्य खोने से कुछ खोता है, लेकिन चरित्र खोने से सब कुछ चला जाता है। यह शिक्षा आज की युवा पीढ़ी को जरूरी मानते हुए उन्होंने इसे आज के संदर्भ में भी लागू करने की आवश्यकता जताई।
मीडिया और अश्लीलता
रामगोपाल यादव ने खासतौर पर इंस्टाग्राम और रील्स पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कई चैनल्स और प्रोग्राम्स समाज में असभ्यता और हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना है कि बड़े पैमाने पर युवा और नई पीढ़ी इन प्लेटफॉर्म्स पर समय बर्बाद कर रहे हैं, जो कि समाज में अपराध और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
पारिवारिक संबंधों में गिरावट
सांसद ने यह भी बताया कि पहले परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करते थे और आपस में बातचीत करते थे, लेकिन आजकल स्मार्टफोन की वजह से ये पारिवारिक आदतें समाप्त होती जा रही हैं। इसके कारण रिश्तों में कमी और परिवार में असंतुलन देखा जा रहा है।
ऑनलाइन शिक्षा और सामाजिक प्रभाव
रामगोपाल यादव ने ऑनलाइन शिक्षा की शुरुआत को भी संदिग्ध माना, यह बताते हुए कि स्मार्टफोन ने बच्चों तक अश्लील सामग्री पहुंचा दी है। उनके अनुसार, यह स्थिति सभ्यता के समाप्त होने की ओर इशारा करती है और स्मार्टफोन और इंस्टाग्राम इसका मुख्य कारण हैं।
उनके इस बयान से साफ है कि वे डिजिटल मीडिया के प्रभाव को लेकर गहरी चिंता में हैं और इसका समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
