मध्य प्रदेश में जीर्ण-शीर्ण मकान की दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत, 2 घायल

Madhya Pradesh: दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत, 2 घायल

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहपुर गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां रविवार को एक धार्मिक आयोजन के दौरान जीर्ण-शीर्ण मकान की दीवार गिर गई। इस हादसे में नौ बच्चों की मौत हो गई और दो बच्चे घायल हो गए।

घटना रहली विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर गांव में सुबह करीब 8.30 बजे एक मंदिर परिसर के पास हुई। स्थानीय विधायक गोपाल भार्गव के अनुसार, एक जीर्ण-शीर्ण मकान के पास एक टेंट में “पार्थिव शिवलिंग निर्माण” (मिट्टी से शिवलिंग बनाना) कार्यक्रम चल रहा था, तभी मकान की दीवार गिर गई।

जिला कलेक्टर दीपक आर्य ने बताया कि मरने वाले बच्चों की उम्र 10 से 15 साल के बीच थी। घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और अधिकारियों को घायलों को उचित उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया। उन्होंने शाहपुर नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और एक उप-इंजीनियर को निलंबित कर दिया और जर्जर इमारतों की पहचान के लिए सभी नागरिक निकायों को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री यादव ने मृतक बच्चों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “मुझे बच्चों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। मैं भगवान से मृतकों की आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं और घायलों की शीघ्र स्वस्थता की कामना करता हूं। मैं उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है।”

घटनास्थल पर मौजूद लोगों में से कुशी पटवा और सुमित घायल हुए। कुशी पटवा की मां बसंती पटवा ने बताया कि बच्चे के सिर और घुटनों में चोटें आई हैं। सुमित ने बताया कि जब दीवार गिरी, तब वह शिवलिंग बना रहा था और उसे कुछ चोटें आई हैं।

संगीता ने घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा, “यह ईंटों से बनी दीवार थी और यह बहुत पुरानी थी।”

यह घटना शनिवार को रीवा में एक जर्जर मकान की दीवार गिरने से चार स्कूली छात्रों और एक महिला की मौत के एक दिन बाद घटी। इस हादसे में एक अन्य छात्रा और उसकी मां घायल हो गईं। भारी बारिश के कारण स्कूल से घर लौट रहे छात्र-छात्राओं पर मकान की दीवार गिर गई।

यह घटनाएँ प्रदेश में जर्जर इमारतों की स्थिति की गंभीरता को उजागर करती हैं और समय पर उचित देखरेख और मरम्मत की आवश्यकता को दर्शाती हैं।

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