Delhi: दिल्ली में बारिश के मौसम में जलभराव और नालों में जमी गंदगी ने शहर के लोगों को बड़ी मुश्किलों में डाल दिया है। इस हालत को लेकर दिल्ली के एलजी ने गंदगी से भरी नालों की सफाई को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सर्वे शेयर करते हुए बताया कि बारापुला, कुशक, और सुनेहरी नालों में गंदगी की स्थिति वास्तविकता में भयावह है। इन नालों की बंदिशों से पानी का सुचारू प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना बढ़ रही है।
नालों की सफाई: दिल्ली सरकार के प्रयास
दिल्ली के एलजी ने अपने थ्रेड में बताया कि गंदगी से भरी नालों की सफाई एवं पानी के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि वर्षों से इन नालों में गाद नहीं निकाली गई है, जिसके कारण सड़कों पर पानी का जमाव बढ़ रहा है और बाढ़ की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने एएसआई द्वारा संरक्षित बारापुला पुल पर अतिक्रमण की स्थिति पर भी ध्यान दिया और निर्देश दिए कि इसे तत्काल साफ करने के लिए कदम उठाए जाएं।
उन्होंने लिखा कि सरकारी अधिकारियों के बीच संवाद की जरूरत है ताकि इन मुद्दों पर गंभीरता से काम हो सके और दिल्ली के लोगों को जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक संवेदनशीलता मिले। उन्होंने मंत्री सौरभ भारद्वाज और बीजेपी पर भी कड़ा आरोप लगाया कि डिसेल्टिंग से जुड़ी तमाम जरूरी फाइलें बिना किसी समाधान के बढ़ाई गई हैं।
जलवायु परिवर्तन और जनता के हित में साझी जिम्मेदारी
इस बीच, जनता के हित में भारतीय राजनीति में साझी जिम्मेदारी को लेकर विवाद बढ़ रहा है। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच इस मुद्दे पर खासा तनाव है। जनता के साथ संवाद बढ़ाने और अधिक सक्रिय रूप से उनके हित में काम करने की जरूरत है।
इस प्रकार, दिल्ली के नालों में गंदगी के साथ-साथ राजनीतिक व्यवधान के बीच सुधार की जरूरत है ताकि शहर के लोग भविष्य में बेहतर और सुरक्षित माहौल में रह सकें।
