Mossad: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें उन्होंने ईरानी सुरक्षा एजेंटों को तेहरान की एक इमारत में विस्फोटक लगाने के लिए नियुक्त किया। इस इमारत में फिलिस्तीनी समूह हमास के प्रमुख इस्माइल हनीयेह रह रहे थे।
प्रारंभ में, योजना थी कि मई में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के अंतिम संस्कार के दौरान हनीयेह की हत्या की जाए, लेकिन भीड़-भाड़ के कारण यह ऑपरेशन रद्द कर दिया गया। इसके बाद, मोसाद ने नए तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दिया। दो एजेंटों ने उत्तरी तेहरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) गेस्टहाउस के तीन कमरों में विस्फोटक उपकरण लगाए और बिना पकड़े हुए देश से बाहर निकल गए। विस्फोट के बाद हनीयेह की मौत हो गई, जो राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के उद्घाटन में भाग लेने के लिए तेहरान में थे।
मोसाद की कार्यप्रणाली
मोसाद, जो सीआईए के बाद पश्चिम की दूसरी सबसे बड़ी जासूसी एजेंसी है, के पास 3 बिलियन डॉलर का वार्षिक बजट और 7,000 कर्मचारी हैं। यह एजेंसी विभिन्न देशों में अपने जासूसी नेटवर्क के माध्यम से आतंकवादी नेताओं की गतिविधियों पर गहन जानकारी प्राप्त करती है। मोसाद का स्पेशल ऑपरेशन डिवीजन, मेत्साडा, अत्यधिक संवेदनशील हत्याओं और तोड़फोड़ के अभियानों को अंजाम देता है।
आईआरजीसी की प्रतिक्रिया और संभावित परिणाम
हनीयेह की हत्या के बाद, IRGC ने इस सुरक्षा उल्लंघन को लेकर एक विशेष कार्य समूह की स्थापना की है। इसके जवाब में, IRGC तेल अवीव पर हमला करने समेत कई संभावित विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें हिज़्बुल्लाह और अन्य ईरानी प्रॉक्सी शामिल हो सकते हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह हत्या राष्ट्रपति पेजेशकियन के पदभार ग्रहण के पहले दिन पर की गई, जो ईरान की बाहरी नीतियों को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। पेजेशकियन की जीत को आम बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन उनके सुधारात्मक प्रयासों पर राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
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