NEET Paper Leak Case: राज्यसभा में आज आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने NEET-UG 2024 परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर मोदी सरकार पर तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं के कारण लाखों NEET अभ्यर्थी परेशान हैं और इसके परिणामस्वरूप देश में डॉक्टर्स की कमी हो सकती है। चड्ढा ने सरकार से पेपर लीक की गंभीर जांच करने और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के रूप में भी देखा।
राघव चड्ढा ने छात्रों के भविष्य पर जताई चिंता
राघव चड्ढा ने आगे कहा,”बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था का संकट हमारे देश को प्रभावित कर रहा है। यह व्यवस्था कभी हमारे देश का गौरव हुआ करती थी, लेकिन आज यह एक युद्ध का मैदान बन गई है, जहां हमारे बच्चे ज्ञान या अधिकार के लिए नहीं, बल्कि अपना अस्तित्व बचाने के लिए लड़ रहे हैं।आप सांसद ने कहा कि बहुत कम उम्र से ही हमारे छात्रों को कभी न खत्म होने वाली दौड़ में धकेल दिया जाता है और कुछ नया सीखने की इच्छा एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने के दबाव से नीचे दब जाती है, क्योंकि बच्चों में सीखने की जिज्ञासा को फलने-फूलने देने की जगह हमारी शिक्षा प्रणाली उन्हें ये सिखा रही है कि उनकी योग्यता सिर्फ उनके द्वारा प्राप्त नंबरों, ग्रेड्स या रैंकों से ही मापी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एनटीए को कई दिशा निर्देश दिए जिसमें कहा गया कि एनटीए एग्जाम देने वाले कैंडिडेट की पहचान सुनिश्चित करने के उपाय करे. इसके अलावा परीक्षा का पेपर लीक न हो, इसलिए पेपर स्टोरेज के लिए SOP तैयार करना होगा। कोर्ट ने कहा कि NTA को आगे के लिए ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह की लापरवाही न हो। उसे इससे बचना चाहिए. हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि हमारा निष्कर्ष है कि पेपर लीक सिस्टमेटिक नहीं है. पेपर लीक व्यापक स्तर पर नहीं हुआ है इसलिए हम NEET की दोबारा परीक्षा की मांग को खारिज कर रहे हैं । कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि अगर किसी की शिकायत का निवारण SC के फैसले से न हुआ हो, तो वो HC जा सकता है।
