India: भारत सरकार ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को 34.2% घटाकर ₹4,600 प्रति टन कर दिया है। यह निर्णय बुधवार, 31 जुलाई को जारी एक सरकारी अधिसूचना के माध्यम से लिया गया। इससे पहले, विंडफॉल टैक्स की दर ₹7,000 प्रति टन थी।
डीज़ल और एटीएफ पर टैक्स में बदलाव
नई अधिसूचना के अनुसार, डीजल और एविएशन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर अब कोई विंडफॉल टैक्स नहीं लगेगा। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने इन ईंधनों के निर्यात को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है।
पिछले महीने में टैक्स में बदलाव
15 जुलाई को सरकार ने पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफॉल टैक्स को 16.66 प्रतिशत बढ़ाकर ₹6,000 प्रति टन से ₹7,000 प्रति टन कर दिया था। यह बदलाव तब किया गया था जब कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई थी।
विंडफॉल टैक्स का उद्देश्य
भारत ने जुलाई 2022 से कच्चे तेल उत्पादकों पर विंडफॉल टैक्स लगाना शुरू किया था। इसका उद्देश्य यह था कि निजी रिफाइनर घरेलू बाजार में बेचने के बजाय विदेशों में ईंधन बेचने से प्राप्त लाभ का एक हिस्सा सरकार को मिले।
हर पखवाड़े टैक्स की समीक्षा
सरकार हर पखवाड़े तेल की औसत कीमतों के आधार पर पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफॉल टैक्स की दरों की समीक्षा करती है और आवश्यकतानुसार संशोधन करती है।
विंडफॉल टैक्स की परिभाषा
विंडफॉल टैक्स एक ऐसा शुल्क होता है जो सरकार उन उद्योगों पर लगाती है जो आर्थिक स्थितियों के कारण औसत से काफी अधिक लाभ प्राप्त कर रहे होते हैं। यह टैक्स मुख्य रूप से कमोडिटी व्यवसायों पर लागू होता है, जिन्हें अचानक या असाधारण लाभ प्राप्त होता है।
इस नई दर के लागू होने से कच्चे तेल के उत्पादन और निर्यात में हो रहे बदलावों पर निगरानी रखने के लिए सरकार ने कदम उठाए हैं, जिससे कि घरेलू बाजार पर भी इसका प्रभाव पड़ सके।
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