Old Rajendra Nagar accident: कोचिंग संस्थानों की सच्चाई और विकास दिव्यकीर्ति का बयान

Old Rajendra Nagar accident: शनिवार, 27 जुलाई को ओल्ड राजेंद्र नगर की राव आईएएस कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में तीन छात्रों की मौत ने कोचिंग मंडी की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर समाज के सामने ला दिया। इस घटना के बाद कोचिंग सेंटर्स की पहचान से जुड़े चर्चित चेहरे जैसे अवध ओझा और विकास दिव्यकीर्ति को लेकर छात्रों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर छात्रों ने इस मौन पर तंज भी कसा। घटना के तीन दिन बाद, जब कोचिंग संस्थान सील हो गया, सुविख्यात शिक्षक विकास दिव्यकीर्ति का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने अपना पक्ष रखा है। आइए उनके बयान की मुख्य बातें जानें।

घटना पर विकास दिव्यकीर्ति का पक्ष

सबसे पहले, विकास दिव्यकीर्ति ने अपना पक्ष देरी से रखने पर अफसोस जताया और कहा कि वे अधूरी जानकारी के आधार पर कुछ नहीं कहना चाहते थे। इस देरी के लिए उन्होंने माफी भी मांगी। उन्होंने शनिवार की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि यदि वे किसी भी तरह पीड़ित परिवारों की सहायता कर सकते हैं, तो उन्हें कृतज्ञता का अनुभव होगा।

विद्यार्थियों का रोष और सुझाव

दिव्यकीर्ति ने आगे कहा कि इस दुर्घटना को लेकर विद्यार्थियों में जो रोष है, वह पूरी तरह से न्यायसंगत है। उन्होंने कहा कि यह अच्छा होगा यदि इस रोष को सही दिशा मिले और सरकार कोचिंग संस्थाओं के लिए निश्चित दिशानिर्देश लागू करे। इस संबंध में वे सरकार के साथ सक्रिय सहयोग करने को तत्पर हैं।

समस्या की जटिलता

विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि कोचिंग संस्थानों से जुड़ी समस्याएं ऊपर से जितनी सरल दिखती हैं, उतनी हैं नहीं। इसके कई पक्ष हैं जिनके तार कानूनों की अस्पष्टता और अंतर्विरोध से जुड़े हुए हैं। उन्होंने डीडीए, एमसीडी और दिल्ली फायर डिपार्टमेंट के नियमों में असंगति का जिक्र किया। इसी तरह, ‘दिल्ली मास्टरप्लान-2021’, ‘नेशनल बिल्डिंग कोड’, ‘दिल्ली फायर रूल्स’ और ‘यूनिफाइड बिल्डिंग बाई-लॉज’ के प्रावधानों में भी अंतर्विरोध है। ‘दिल्ली मास्टरप्लान-2021’ को छोड़कर किसी भी दस्तावेज़ में कोचिंग संस्थानों के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं दिए गए हैं।

समाधान के सुझाव

विकास दिव्यकीर्ति ने इस समस्या का स्थायी समाधान सुझाते हुए कहा कि सरकार दिल्ली में तीन-चार क्षेत्रों को चुनकर उन्हें कोचिंग संस्थानों के लिए नियत करे। अगर सरकार खुद क्लासरूम्स, लाइब्रेरीज़ और होस्टल तैयार कराएगी, तो न ही ज्यादा किराए की समस्या रहेगी और न ही सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त समिति एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसमें अधिकांश बिंदुओं का समाधान मिल सकेगा।

भविष्य की योजनाएं

विकास दिव्यकीर्ति ने अंत में कहा कि वे जल्दी ही इस विषय की जटिलताओं को स्पष्ट करने के लिए एक विस्तृत विश्लेषण (लेख या वीडियो) जारी करेंगे ताकि सभी विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों को सभी पक्षों की जानकारी हो सके।

इस प्रकार, विकास दिव्यकीर्ति ने कोचिंग संस्थानों की समस्याओं और उनके समाधान के लिए सुझाव प्रस्तुत किए, जो विद्यार्थियों और समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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