Wayanad: केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के बाद भूस्खलन ने व्यापक तबाही मचाई है, जिसमें सैकड़ों लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना मंगलवार (30 जुलाई) तड़के वायनाड जिले के मेप्पडी, मुंडक्कई टाउन और चूरल माला में हुई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूस्खलन के कारण 12 लोगों की मौत हुई है, हालांकि जिला प्रशासन ने केवल चार मौतों की पुष्टि की है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है।
भूस्खलन की घटनाएँ और बचाव कार्य
भूस्खलन की पहली घटना रात करीब एक बजे मुंडक्कई टाउन में हुई। यहां बचाव कार्य चल ही रहा था कि सुबह करीब 4 बजे चूरल माला में एक स्कूल के पास दूसरा भूस्खलन हुआ। यह स्कूल एक शिविर के रूप में चल रहा था और इसके आसपास के घरों और दुकानों में भूस्खलन के चलते पानी और कीचड़ भर गया है। फिलहाल, क्षेत्र में बचाव अभियान जारी है।
सरकार की ओर से उठाए गए कदम
केरल मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं और वायुसेना को रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल कर लिया है। सीएमओ ने कहा, “भारी बारिश के बाद वायनाड में भूस्खलन हुआ है। हेल्थ डिपार्टमेंट- नेशनल हेल्थ मिशन ने कंट्रोल रूम खोल दिया है और आपातकालीन सहायता के लिए 9656938689 और 8086010833 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। वायुसेना के दो हेलिकॉप्टर एमआई-17 और एक एएलएच भी भेजे गए हैं।”
स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि सभी अस्पतालों को मरीजों के इलाज के लिए अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “वायनाड में भूस्खलन के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए गए हैं। वैथिरी, कलपट्टा, मेप्पडी और मननथावाडी अस्पताल सहित सभी अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। रात में ही सभी स्वास्थ्य कर्मी मदद के लिए पहुंचे चुके हैं। वायनाड में स्वास्थ्य कर्मियों की अधिक टीमें तैनात की जाएंगी।”
आपातकालीन प्रतिक्रिया और मौसम की स्थिति
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया है। कन्नूर रक्षा सुरक्षा कोर की दो टीमों को भी वायनाड भेजा गया है। प्रभावित इलाकों से मिली रिपोर्ट्स के अनुसार, सैकड़ों लोग भूस्खलन के मलबे में दबे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियां बचाव और खोज अभियान में शामिल हो गई हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि बचाव अभियानों का समन्वय किया जाएगा और राज्य के मंत्री रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व करने के लिए वायनाड पहुंच रहे हैं। उन्होंने वायनाड में भूस्खलन और बारिश के कारण आई आपदाओं के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा खोले गए कंट्रोल रूम की जानकारी दी।
राहुल गांधी की संवेदनाएँ और आपातकालीन मदद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वायनाड में हुए भूस्खलन पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं वायनाड में मेप्पडी के पास हुए भारी भूस्खलन से बहुत दुखी हूं। मेरी हार्दिक संवेदनाएँ उन परिवारों के प्रति हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मुझे उम्मीद है कि जो लोग अभी भी फंसे हुए हैं, उन्हें जल्द ही सुरक्षित निकाला जाएगा।”
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री और वायनाड जिला कलेक्टर से बात की है और उन्हें आश्वस्त किया है कि सभी एजेंसियों के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा और राहत प्रयासों के लिए जरूरी मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से भी बात करने का आश्वासन दिया और यूडीएफ कार्यकर्ताओं से प्रशासन की सहायता करने का आग्रह किया।
मौसम विभाग ने केरल में बारिश का अलर्ट जारी किया है और कहा है कि अगले कुछ घंटों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में और बाधा आ सकती है।
