Delhi University: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 2024-25 अकादमिक सत्र से अंडरग्रेजुएट, पीजी और पीएचडी कोर्सेज की फीस में बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह फीस वृद्धि सभी नए स्टूडेंट्स पर लागू होगी और सत्र की शुरुआत अगस्त से होगी। दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर योगेश सिंह ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है।
अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में वृद्धि
बीटेक कोर्स के पहले साल की फीस 3.70% बढ़ा दी गई है। पहले बीटेक स्टूडेंट्स को 2.16 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ता था, जो अब 2.24 लाख रुपये हो जाएगा। इसके साथ ही पांच साल के इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स की फीस 5% बढ़ाकर 1.99 लाख रुपये कर दी गई है। चार साल के इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम की फीस 57,400 रुपये तय की गई है।
पीजी और पीएचडी कोर्सेज की फीस
सबसे ज्यादा वृद्धि पीएचडी कोर्सेज में की गई है, जहां फीस 60.22% बढ़ाकर 7130 रुपये कर दी गई है। पहले पीएचडी स्टूडेंट्स को 4450 रुपये फीस देनी पड़ती थी। कुछ विदेशी छात्रों के लिए भी फीस में बदलाव किया गया है। नॉन-सार्क देशों से आने वाले छात्रों के लिए फीस 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। सार्क देशों के छात्रों के लिए एमए हिंदू स्टडीज की फीस 1 लाख से घटाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।
अतिरिक्त शुल्क और छूट
ट्यूशन फीस, वेलफेयर फंड, डेवलेपमेंट फीस, फैसिलिटीज एंड सर्विसेस चार्जेस, इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन सपोर्ट आदि के तहत फीस बढ़ाई गई है। तिब्बत के छात्रों को यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रेशन फीस और कॉलेज वा डिपार्टमेंट्स में एडिशनल फीस से छूट दी गई है।
सीयूईटी यूजी के नतीजों में देरी
डीयू का एकेडमिक सत्र 2024-25 सीयूईटी यूजी के नतीजों में देरी के कारण विलंबित हो रहा है। पहले रिजल्ट 30 जून को आने वाला था, लेकिन अब 30 जुलाई तक भी जारी नहीं हुआ है। फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई है और रिजल्ट किसी भी समय घोषित किया जा सकता है। परिणाम घोषित होते ही, उम्मीद की जा रही है कि एकेडमिक सत्र की शुरुआत जल्द हो जाएगी।
