एलन मस्क ने एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी चुनाव चक्र के दौरान रिपब्लिकन समर्थक राजनीतिक समूहों और सुपर PACs को 445 मिलियन डॉलर से अधिक का योगदान दिया। अमेरिका में सुपर PACs स्वतंत्र राजनीतिक खर्च के लिए असीमित धन जुटा सकते हैं, जबकि भारत में उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर वैधानिक सीमाएं लागू हैं। दोनों देशों के नियमों में जानिए प्रमुख अंतर।
